सुपौल। दहेज के लिए बेटियों को मौत के घाट उतारे जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सदर थाना के हरदी-चौघारा, वार्ड नंबर 08 में शुक्रवार को एक विवाहिता की हत्या ससुराल वालों ने दहेज के लिए कर दी।
हत्या के बाद शव को रात में ही जलाने का प्रयास किया। मौके पर ही मृतका के मायके वाले पुलिस के साथ आ धमके, जिसके बाद जले शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
मृतका उक्त गांव के मनीष साह की 22 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी है। शव का चेहरा पूरी तरह जला हुआ था। सहरसा जिला के वनगांव थाना के चैनपुर निवासी गणेश साह अपनी पुत्री पार्वती की शादी पिछले साल 11 मई को मनीष से की थी। गणेश एक पैर से विकलांग है और जमशेदपुर में पूरे परिवार के साथ रहता है।
उसने अपनी बेटी की शादी ढाई लाख रुपये ब्याज पर उठाकर बेटी की शादी की थी। मृतका की बड़ी चाची सुशीला देवी का कहना था कि हमलोगों ने ढाई लाख रुपये दहेज दिया था। दहेज के 50 हजार रुपये हमलोगों के पास रह गए। उस टाइम उसके ससुराल वालों को कहा था कि जब ढाई लाख का यह ऋण खत्म हो जाएगा, तब बांकी के 50 हजार रुपये दे देंगे।
उक्त ढाई लाख रुपये के साढ़े चार लाख रुपये ब्याज हो गया है। मृतका के पिता ने कहा कि मेरी बेटी को दहेज के लिए मार दिया।
शादी में उन लोगों को बहुत सामान दिए थे। फिर भी वे लोग दहेज की मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मेरा दामाद ई-रिक्शा चलाने का काम करता है और हरदी दुर्गा मंदिर के पास मिठाई की दुकान है।
उन लोगों ने मुझे फोन कर बताया कि बिजली करंट लगने से उसकी मौत हो गई है। इधर मृतका के मामा पररी निवासी फोटन साह ने बताया कि हमलोगों को जब घटना की सूचना मिली तब रात में भांजी के ससुराल पहुंचे। वहां उसके ससुराल में कोई नहीं था। आस-पड़ोस के लोगों से भी पूछा तो कोई कुछ नहीं बता रहा था।
चुपके से जलाया जा रहा था शव
किसी तरह पता चला कि शव को चुपके से जलाया जा रहा है। उसके बाद पुलिस के साथ वहां पहुंचे और जलती चिता से खींचकर पुलिस की मदद से शव को बाहर निकाला। कुछ लोग तो यह भी दबाव बनाने लगे कि पैसे लेकर मामले को रफा-दफा कर दें, लेकिन हमलोग अडिग रहे और किसी तरह पोस्टामर्टम के लिए शव को सदर अस्पताल लाया।
फिलहाल पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवा कर स्वजन को सौंप दिया है। इधर मामले की तहकीकात में पुलिस जुट गई है।