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पूर्णिया फायरिंग कांड का वांटेड साहिल सौरभ गिरफ्तार, 5 महीने बाद STF–मरंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पूरी खबर:
पूर्णिया। बीते स्वतंत्रता दिवस की शाम हुई सनसनीखेज फायरिंग मामले में फरार चल रहे वांटेड अपराधी साहिल सौरभ को एसटीएफ और मरंगा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। साहिल पिछले करीब 5 महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था। उसे बंगाल–बिहार सीमा के पास टुन्नीदिघी इलाके से उस समय पकड़ा गया, जब वह पश्चिम बंगाल के तारापीठ में पूजा कर लौट रहा था। पुलिस के मुताबिक, साहिल खुद को सुरक्षित मान रहा था, लेकिन एसटीएफ पहले से उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
दरअसल, पिछले साल 15 अगस्त की शाम पूर्णिया में दो गुट आमने-सामने आ गए थे। गाड़ी को साइड देने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों की ओर से करीब 30 राउंड गोलियां चलाई गईं। इस अंधाधुंध फायरिंग की चपेट में सड़क किनारे सब्जी खरीदने जा रहा 14 वर्षीय मासूम बच्चा आ गया, जिसे गोली लग गई। बच्चा लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा, वहीं घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग दुकानों और घरों को बंद कर जान बचाने में जुट गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने साहिल सौरभ को मुख्य आरोपी मानते हुए उसकी तलाश शुरू की थी, लेकिन वह लगातार फरार बना रहा। आखिरकार एसटीएफ और मरंगा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद साहिल को जेल भेज दिया गया है।
पुरानी दुश्मनी और जमीन कारोबार का कनेक्शन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि विवाद सिर्फ गाड़ी साइड देने का नहीं था। इसके पीछे इलाके में दबदबा और जमीन के कारोबार को लेकर चली आ रही पुरानी दुश्मनी थी। साहिल सौरभ हाल के दिनों में जमीन के धंधे में सक्रिय हो गया था और अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। इसी कारण पुराने विरोधी गुट से उसका टकराव हुआ, जो बाद में फायरिंग में बदल गया।
साहिल सौरभ का पारिवारिक बैकग्राउंड भी विवादों से जुड़ा रहा है। उसके पिता बुच्चन यादव मोस्ट वांटेड अपराधी थे और कई संगीन मामलों में नाम आने के बाद उनकी हत्या हो चुकी है। पिता की मौत के बाद साहिल ने परिवार की विरासत संभालने की कोशिश की। उसकी मां वर्तमान में मुखिया हैं, जबकि पत्नी प्रखंड उपप्रमुख के पद पर हैं। राजनीतिक पकड़ और प्रशासनिक पहुंच के चलते साहिल खुद को काफी ताकतवर मानने लगा था, जिसके कारण वह खुलेआम घूमता रहा।
पुलिस के अनुसार साहिल का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले एक बड़े हत्याकांड में जेल जा चुका है और उस पर इनाम भी घोषित किया गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने खुद को बदला हुआ दिखाने की कोशिश की, लेकिन एक बार फिर गंभीर आपराधिक मामले में उसका नाम सामने आ गया।
फिलहाल पुलिस साहिल सौरभ से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और फायरिंग कांड में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।