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सेवानिवृत्त डीएफओ महेश्वर पाठक के अपहरण-हत्याकांड में बड़ा खुलासा: 28 लाख की फर्जी निकासी करने वाला परिचित शशिशंकर गिरफ्तार, पुलिस जांच तेज
रितेश हन्नी/सहरसा। सेवानिवृत्त वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) महेश्वर पाठक के संदिग्ध अपहरण और हत्या के प्रयास से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। उनके बैंक खाते से करोड़ों की धोखाधड़ी और चोरी के आरोप में सहरसा शहर के बम्फर चौक गौतमनगर निवासी शशिशंकर, पिता स्व. भूपनारायण खां, को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया गया है। आरोपी मूलतः कहरा प्रखंड के पड़री गांव का निवासी है।
यह कार्रवाई सेवानिवृत्त डीएफओ के भतीजे सुमित कुमार पाठक के आवेदन के आधार पर की गई जांच में हुई।
28 लाख की फर्जी निकासी—रिश्तेदारों के खाते के जरिए करता था ट्रांसफर
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शशिशंकर लंबे समय से सेवानिवृत्त डीएफओ के खाते से फर्जी तरीके से पैसे निकाल रहा था।
- वह पहले रुपए अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करता
- फिर वहां से अपने खाते में पैसा ले लेता
अब तक 28 लाख रुपए से अधिक की अवैध निकासी का मामला सामने आया है।
आरोपी पटना स्थित शगुना में बन रहे महेश्वर पाठक के नवनिर्माणाधीन आवास की देखरेख करता था। इसी दौरान उसने उनका एटीएम कार्ड चोरी कर लिया और बैंक खाते को अपने नियंत्रण में ले लिया।
डीएफओ 10 दिन से लापता—अपहरण या हत्या की आशंका
पुलिस के अनुसार, जब सेवानिवृत्त डीएफओ को बैंक से पैसे काटे जाने की जानकारी हुई, तो उन्होंने शशिशंकर से पूछताछ की।
इसके दस दिन बाद से ही महेश्वर पाठक लापता हैं।
यह आशंका गहराई है कि—
- उन्हें पैसे के विवाद में अपहृत कर कहीं छिपाकर रखा गया है, या
- उनकी हत्या कर दी गई है
इन दोनों बिंदुओं पर पुलिस तेज़ी से छानबीन कर रही है।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज—आरोपी जेल भेजा गया
सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि शशिशंकर पर सदर थाना कांड संख्या 844/2024 दर्ज है।
उस पर IPC की गंभीर धाराएँ 140(3), 303(2), 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
जांच जारी—पुलिस की कई टीमें सक्रिय
पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए—
- बैंक लेनदेन
- मोबाइल लोकेशन
- सीसीटीवी फुटेज
- रिश्तेदारों के बयान
सहित तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है।
महेश्वर पाठक की बरामदगी और अपहरण-हत्या की आशंकाओं की पुष्टि के लिए कई टीमें तैनात हैं।