भाजपा और जदयू में इस मुद्दे पर सहमति बन रही है कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके स्वजनों के नाम पर अर्जित अवैध संपत्ति का सरकार अधिग्रहण कर उसका उपयोग जनहित में करे।
शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक निजी चैनल से बातचीत में यह राय जाहिर की थी। शनिवार को जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने इस पर अपनी सहमति जताई।
संपत्ति को जब्त करे केंद्रीय एजेंसियां
नीरज ने कहा कि लालू यादव की अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को केंद्रीय एजेंसियां जब्त करे। मकानों में स्कूल खोले जाएं। इनका उपयोग अनाथालय और विभिन्न वर्ग के छात्रों के छात्रावास के रूप में भी किया जा सकता है। आज की तिथि में लालू प्रसाद इस राज्य के सबसे बड़े जमींदार हैं।
सरकारी सुविधाएं देने के एवज में उन्होंने यह सब अर्जित किया है। नौकरी के बदले जमीन लिखवाने का मामला अभी अदालत में चल ही रहा है।
कई संपत्तियों के प्रत्यक्ष दावेदार नहीं
इससे पहले सम्राट चौधरी ने कहा था कि अगर लालू प्रसाद के मकानों में स्कूल खोल दिए जाएं तो इसका लाभ गरीब और जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसी कई संपत्ति है, जिनका प्रत्यक्ष दावेदार सामने नहीं आ रहा है। संजय गांधी जैविक उद्यान के पास ऐसा ही एक भवन है, जिस पर बीते 20 वर्षों से ताला लगा हुआ है। केंद्रीय एजेंसियां ईडी और सीबीआई पहले भी लालू प्रसाद की संपत्तियों को अटैच कर चुकी हैं।