परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने बताया कि इस सेवा को उपलब्ध कराने के लिए एनआईसी को निर्देश दिया गया था और अब यह पर 'ऑनलाइन Grievance सेवा' के रूप में उपलब्ध है। फिलहाल, आवेदकों की सुविधा के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे, जिससे आम लोगों को समय की बर्बादी और भाग-दौड़ से मुक्ति मिलेगी।
इस नई ऑनलाइन व्यवस्था के तहत, आवेदक घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर का उपयोग करके गलत ई-चालान से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकते हैं। वे सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे वाहन रजिस्ट्रेशन, वाहन का फोटो और चालान की कॉपी सीधे पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, आवेदक अपनी शिकायत को टेक्स्ट मैसेज के रूप में भी लिख सकते हैं। एक बार आवेदन जमा करने के बाद, आवेदक ऑनलाइन ही अपने आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
परिवहन विभाग ने यातायात पुलिस और प्रवर्तन इकाइयों को निर्देश दिया है कि ऑनलाइन प्राप्त शिकायतों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए। त्रुटिपूर्ण चालानों को रद्द करने या संशोधित करने की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अंदर पूरी की जाएगी। निरस्तीकरण की अनुशंसा राज्य परिवहन आयुक्त को भेजी जाएगी, जबकि संशोधन के लिए संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारी को भेजा जाएगा। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कार्यालय जाने के बजाय इस ऑनलाइन सुविधा का उपयोग करें ताकि उन्हें जटिल प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े और उन्हें निश्चित समय के भीतर समाधान मिल सके।