सहरसा में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी की धमकी से परेशान होकर किसान ने जहर खा लिया। उसे इलाज के लिए परिजनों ने सहरसा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग रखी है।
मृतक के बेटे अनुश कुमार ने बताया कि किस्त न चुका पाने पर फाइनेंस कंपनी के कर्मी की धमकी से परेशान होकर उनके पिता ने यह कदम उठाया।
किसान ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत
यह घटना सलखुआ थाना क्षेत्र के गोरदह पंचायत की है। मुसहरनिया वार्ड 2 के रहने वाले 50 वर्षीय देवानंद पासवान ने खेतों में छिड़कने वाला कीटनाशक खा लिया। इसकी खबर लगते ही परिजनों ने गांववालों की मदद से उसे पहले सिमरी बख्तियारपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
वहां प्राथमिक उपचार के किसान को सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया। बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को उनकी मौत हो गई।
तीन महीने से किस्त नहीं चुका पाया किसान
मृतक देवानंद पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। सबसे छोटी बेटी की शादी डेढ़ साल पहले हुई थी। शादी के लिए उनकी पत्नी विभा देवी ने गांव की एलएनटी फाइनेंस कंपनी से 80 हजार रुपए का लोन लिया था।
इसकी हर महीने 4,200 रुपए की किस्त देनी थी। आर्थिक तंगी के कारण पिछले तीन महीने से किस्त नहीं चुका पाए थे।
फायनेंस कंपनी की धमकी आत्महत्या की वजह
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे फाइनेंस कंपनी का मैनेजर उनके घर पहुंचा। उसने किसान के साथ गाली-गलौज किया और कहा कि "किश्त के पैसे नहीं दे सकते तो बहन-बेटी को भेज दो"। इस बात से आहत होकर देवानंद ने कीटनाशक खा लिया।
निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग
परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने कहा कि जहर खाकर एक शख्स की इलाज के दौरान मौत होने का मामला सामने आया है। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम करने के बाद परिजन को सौंप दिया गया है।
सलखुआ थाना अध्यक्ष विशाल कुमार ने कहा कि परिजनों की ओर से मामला दर्ज करने के लिए आवेदन अब तक नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।