इस घटना के बाद परिवार में शोक व्याप्त हो गया। परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक पप्पू कुमार यादव का परिवार पत्नी और तीन छोटे बच्चों के साथ है। पप्पू की शादी वर्ष 2019 में हुई थी और उनके दो बेटियां प्रतीक्षा कुमारी (5) और प्रिया कुमारी (4) तथा एक बेटा प्रिंस कुमार (2) है। परिजनों के अनुसार, विस्फोट के तुरंत बाद एम्बुलेंस को फोन किया गया, लेकिन काफी देर तक रिस्पॉन्स नहीं मिलने के कारण पप्पू को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई। मृतक के भाई परशुराम कुमार का कहना है कि अगर एम्बुलेंस समय पर पहुंच जाती तो शायद पप्पू की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि मोकुना गांव में बिजली की स्थिति बेहद खराब है। जगह-जगह जर्जर तार और पुराने ट्रांसफार्मर हादसे का कारण बनते हैं। इसके बारे में कई बार बिजली विभाग को शिकायत भी की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि लचर बिजली व्यवस्था के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की अनदेखी ने एक बार फिर एक निर्दोष युवक की जान ले ली। परिजनों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
