सुखदेव जी परम संत हैं और संतों का सानिध्य हमारे जीवन को संवार देती है: दिलीप कृष्ण
श्री, नारायण सेवा संस्थान के द्वारा सहरसा के पूरब बाजार नलकूप प्रांगण में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत गुरुवार को तीसरे दिन दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि सुखदेव जी परम संत हैं और संतों के सानिध्य जीवन को संवार देती है। संतों का चरित्र जीवन को परिवर्तित कर देता है।वे कहते हैं कि जिसके रक्षक भगवान हैं उसका कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। पांचों पांडव तान दुपट्टा सो रहे हैं लेकिन गोविंद छड़ी लेकर उनकी रखवाली में खड़े हैं। पांचों पांडवों को भगवान कृष्ण दूसरे स्थान पर ले गए लेकिन सोए हुए द्रोपदी के पांचों पुत्रों को अश्वत्थामा ने पांचो पांडव समझकर मार दिया दुर्योधन ने कहा क्या प्रमाण है तुमने पांचों पांडवों को मार दिया, अश्वत्थामा बोले मैं तो पांचों के सिर ले आया हूं काटकर। द्रोपदी बार-बार विलाप करती है कि मेरे पुत्रों को मार दिया। अर्जुन ने भी प्रतिज्ञा किया कि अश्वत्थामा को द्रोपदी के सामने लाकर मारूंगा। पूजन और मंच संचालन कर रहे आचार्य डा. नवनीत ने कहा कि मानव के मन में इस प्रकार का जब द्वेष आ जाता
