कोशी लाइव, सुपौल: अधिवक्ता के साथ एक न्यायाधीश द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने से आक्रोशित जिला बार एसोशिएशन ने मंगलवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। इससे मंगलवार को न्यायालय कार्य से आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
जिला बार एसोशिएशन के सचिव विनय कुमार मिश्र ने बताया कि अधिवक्ता 28 अगस्त को एक केस की पैरवी न्यायालय पहुंचे थे, लेकिन बारिश में उनका कोट भींग जाने के कारण वह बिना कोट के ही थे। जबकि वे पैंट, सफेद शर्ट और बैंड में थे।
कोर्ट द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने दोबारा ऐसा नहीं करने की बात कही। इसके बावजूद न्यायाधीश गुस्से में आकर उनको अनाप-शनाप बोलने लगे। वे सब कुछ सुनते रहे। बोलते-बोलते उन्होंने वकील को जेल भेज देने तक की धमकी दी। इसके बाद वे उनके सीनियर तक के बारे में भी अपमानजनक शब्द का प्रयोग कर गये।
संघ को दिए आवेदन में पीड़ित अधिवक्ता ने कहा है कि उन्हें अधिवक्ताओं, मोवक्किल, न्यायालय कर्मी के समक्ष जानबूझकर जलील किया गया और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए जेल भेजने की धमकी दी गई।
आवेदन प्राप्त होने के बाद मंगलवार को बार एसोशिएशन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि मंगलवार को संघ न्यायिक कार्यों से अलग रहेगा और अगले दिन बुधवार से उक्त कोर्ट का बहिष्कार अनिश्चितकालीन तक करेगा।