Kosilive Digital News Desk:
राज्य के 2 लाख 75 हजार 266 शिक्षकों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) को यह जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल, आठवीं तक के करीब 53 फीसदी शिक्षकों को कंप्यूटर की जानकारी नहीं है। एससीईआरटी की ओर से ऐसे शिक्षकों को चिह्नित किया गया है। अब इन शिक्षकों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देने की तैयारी है। एससीईआरटी के अनुसार आठवीं तक में 2 लाख 75 हजार 266 शिक्षक कार्यरत है। इनमें एक लाख 46 हजार 546 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें कंप्यूटर चलाना तक नहीं आता है। अब इन सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। शेष शिक्षकों को भी कंप्यूटर की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश पर ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के एक से 12वीं तक के सभी स्तर के विद्यालयों में कार्यरत सभी प्रकार के शिक्षकों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण अनिवार्य है। बता दें कि आठवीं तक के स्कूल में आईसीटी (इंफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी) के तहत दस-दस कंप्यूटर लगाये गये हैं। इसके तहत स्कूल के तमाम छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की शिक्षा दी जानी है। पहले चरण में इसके तहत 19 हजार मध्य विद्यालय में कंप्यूटर लगाये गये हैं। अभी बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए एजेंसी की मदद ली जाती है।
- ग्रुप बनाकर एससीईआरटी देगा प्रशिक्षण
कंप्यूटर प्रशिक्षण देने के लिए एससीईआरटी द्वारा शिक्षकों का ग्रुप बनाया जाएगा। एक ग्रुप में 80 से 90 शिक्षक शामिल रहेंगे। इसके बाद इन्हें कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बता दें कि शिक्षकों को कंप्यूटर की जानकारी नहीं होने से छात्रों को नियमित कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल पाती है। इसके अलावा कई तरह के स्कूल के कामों में भी बाधा आती है।
प्रशिक्षण के बाद ये होंगे फायदे:
- नौवीं के रजिस्ट्रेशन के साथ मैट्रिक व इंटर के फॉर्म स्कूल से भरे जाएंगे
- इंस्पायर अवार्ड के साथ तमाम विज्ञान प्रतियोगिताओं की ऑनलाइन इंट्री हो सकेगी
- ऑनलाइन कोर्स, छात्रवृत्ति आदि की जानकारी शिक्षक के माध्यम से मिल पाएगी
- शिक्षकों द्वारा खुद को अपडेट करने के लिए विभिन्न कोर्स करने का मौका भी मिलेगा
एससीईआरटी निदेशक सज्जन आर ने राज्य के सभी शिक्षकों को कंप्यूटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। स्कूलों में काफी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं जिन्हें कंप्यूटर चलाना नहीं आता है। जबकि स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा बच्चों को दी जानी है।