नगर भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी के 'विजन बिहार एजेंडा 2025' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नेताओं का नगर भवन में जमावड़ा देखा गया। वहीं दूसरी ओर जाप नेता एंबुलेंस चोर बोलकर उनका विरोध करते दिखे। कोरोना काल में रूडी द्वारा घर में एंबुलेंस छुपाकर रखने का आरोप लगाकर नारे लगाए। काला झंडा दिखाते हुए उनको मधेपुरा से वापस जाने को कहा।
जब काफिले में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने नारेबाजी करने वाले को पकड़ने के लिए खदेड़ा तो वे लोग भाग निकले। जाप नेताओं ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी के समय लोग मर रहे थे, बिहार के गरीब लोग एंबुलेंस के अभाव में अपने बीमार परिजनों को अस्पताल तक नहीं ले जा पा रहे थे।
कोरोना के वक्त लाश को साइकिल और गोद में उठाने पर लोग मजबूर थे। पूरा बिहार एंबुलेंस के लिए त्राहिमाम कर रहा था, लेकिन बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी द्वारा तीस से ज्यादा एंबुलेंस छुपाकर अपने घर में रखा गया था। इसका खुलासा पूर्व सांसद पप्पू यादव ने किया था। ऐसे इंसान का मधेपुरा में आना बर्दाश्त नहीं है।

उधर, कार्यक्रम के दौरान रूडी ने बिहार के कई नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार के नेता पिछड़ा को अगड़ा नहीं, अति पिछड़ा बनाने की नीति बनाते हैं। बिहार के पिछड़ेपन के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, वो लोग आज भी बिहार को बर्बाद कर रहे हैं।

देश में सबसे ज्यादा गरीबी से मरने वाले लोग बिहार के होते हैं और बिहार में भी मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज के होते हैं। 500 किलोमीटर का आप बिहार में सफर कर लीजिए, लेकिन आपको एक भी फैक्ट्री नहीं मिलेगी। यहां के नेताओं ने एक फैक्ट्री जरूर बना दी है और वो फैक्ट्री मजदूर फैक्ट्री है।

रूडी ने कहा कि आज बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है, लेकिन यहां के मेहनती लोग पलायन कर के देश का निर्माण कर रहे हैं। इस श्रम का उपयोग सही से होता तो आज बिहार देश का विकसित राज्य होता। ये एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम है। इसमें विभिन्न दलों के लोग पहुंचे हैं।