Kosilive Bihar News/पिछले साल आज हुई थी मृतक सुधीर की शादी।
जहानाबाद में पुलिस की गोली से घायल 23 साल के सुधीर की एक महीने बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। सुधीर की शादी की आज पहली सालगिरह है। 12 मई 2022 को उसने सात फेरे लिए थे। ठीक एक साल बाद 12 मई 2023 को उसकी मौत हो गई है। बता दें कि युवक को हेलमेट चेकिंग के दौरान पुलिस ने गोली मारी थी।
सुधीर के जीजा पिंटू कुमार ने कहा कि दुख की बात है कि आज के दिन सुधीर की शादी हुई थी। पिछले साल आज के दिन हम लोग उसके साथ डांस कर रहे थे, लेकिन ठीक एक साल बाद आद उसकी अर्थी लेकर गांव जा रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है।
इकलौता बेटा था मृतक सुधीर
कहा कि घटना में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई की जाए और परिवार में मृतक की तीन बहन है जिनकी शादी करनी है। सुधीर घर का इकलौता चिराग था। अगर न्याय नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
फांसी की कर रहे मांग
बता दें कि सुधीर की मौत के बाद उसके परिजनों में काफी आक्रोश है। आरोपी दारोगा को परिवार वाले फांसी देने की मांग कर रहे। सुधीर के चचेरे भाई धर्मराज ने बताया कि पुलिस को देख के सुधीर भागने लगा उसी दौरान वाहन जांच कर रहे ओकरी ओपी के थाना अध्यक्ष चंद्रहास और दरोगा मुमताज ने गोली चला दी और आज उसकी मौत हो गई।
चाचा की सख्त से सख्त सजा देने की मांग
चाचा ने कहा कि सरकार से मांग है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए। कानून में ऐसा प्रावधान नहीं है कि जिसके पास लाइसेंस और हेलमेट नहीं है और वो पुलिस को देखकर भागने लगे तो उसको गोली मार दी जाए।
28 मार्च को मारी थी गोली
मामला जहानाबाद के अनत पुर गांव का है। 28 मार्च को दिन के 10 बजे दारोगा महमूद अहमद वाहन चेकिंग कर रहे थे। चेकिंग के दौरान सुधीर को रुकने के लिए पुलिस ने कहा, लेकिन आगे बढ़ते चले गए। उसके आगे खड़े दारोगा महमूद अहमद ने बिना कुछ सोचे समझे उस पर गोली चला दी।
गंभीर स्थिति में सुधीर को हिलसा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति खराब के कारण पटना रेफर किया गया जहां एक माह बाद इलाज के दौरान सुधीर की मौत हो गई। मौत के बाद से परिजनों में काफी आक्रोश है। अब आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक घटना के दिन छठ का पारण था और पूजा का समान लेने सुधीर बाजार जा रहा था, लेकिन सड़क पर चेकिंग लगा था और सुधीर पुलिस को देख कर भागने लगा भागने की सजा मौत दी गई। घटना सुनकर परिजनों में चीत्कार मच गया।