भागलपुर के नाथनगर में बुजुर्ग दंपती ने साथ जीने-मरने का वादा निभाया। दरअसल, विशुनदेव मंडल (80) का निधन सोमवार शाम करीब चार बजे हो गया। परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पति के निधन के सदमे में दो घंटे बाद शाम 6 बजे पत्नी चंदा देवी (70) का भी निधन हो गया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया।

एक ही चिता पर अंतिम संस्कार भी
एक साथ मंगलवार को जब घर से एक साथ दोनों की अर्थी उठी तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर सुल्तानगंज गंगा घाट पर कर किया। दोनों की मौत के बाद इलाके में यह चर्चा का विषय बन गया है। जिला सरपंच संघ के महामंत्री जीतन मंडल ने बताया कि इस तरह की घटना इलाके में पहली बार हुई है।

5 बेटों और दो बेटियों के सिर से उठ गया मां-पिता का साया
परिजनों ने बताया कि विशुनदेव मंडल कुछ दिनों से बीमार थे। सोमवार को उनका निधन हो गया। पति के शव के पास ही विलाप करते-करते चंदा देवी ने भी प्राण त्याग दिया। दंपती को पांच पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बहादुर मंडल, पप्पू मंडल, प्रमोद मंडल, असेसर मंडल और मनोज मंडल ने बताया कि मां-पिताजी में बहुत प्रेम था। दोनों के बीच शायद ही कभी झगड़ा होता था। दोनों के निधन से हमारे सिर से एक साथ माता-पिता का साया उठ गया।