बिहार के सहरसा में कोर्ट के अंदर गैंगवॉर, हत्या के आरोपी का किया कत्ल; मारीं 3गोलियां।
Kosi Live Saharsa/ Akky:
बिहार के सहरसा जिले की कोर्ट में दिनदहाड़े पेशी के लिए लाए गए हत्या के एक आरोपित कैदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक कैदी का नाम प्रभाकर पंडित है। प्रभाकर पंडित को सुनवाई के लिए कोर्ट लाया गया था। कोर्ट के अंदर पहले से ही घात लगाए बदमाशों ने प्रभाकर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों में से एक को सुरक्षाकर्मियों ने खदेड़कर पकड़ लिया।
पकड़ाया गया अपराधी आलोक कुमार को एक देसी कट्टा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है वही घटना स्थल से एक पिस्टल एवम् 5खोखा बरामद किया गया है।
बाकी के चार बदमाश मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार यह घटना तब हुई जब प्रभाकर पंडित को हाजत से निचली अदालत में ले जाया जा रहा था। पहले से घात लगाए अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों ने प्रभाकर पंडित पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अदालत परिसर में भीड़ का फायदा उठाते हुए चार बदमाश मौके से फरार हो गए, जबकि एक हमलावर को सुरक्षाकर्मियों ने दबोच लिया। गोली लगने से घायल प्रभाकर पंडित को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी को हाजत से कोर्ट में पेशी के लिए ले जाने वाले कांस्टेबल कैलास कर्ण ने बताया कि हमलावरों ने बरामदे में प्रभाकर को गोली मारी और मौके से फरार हो गए।
इस घटना की सूचना मिलते स्थानीय थानाध्यक्ष, सदर, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, सदर, पुलिस अधीक्षक, सहरसा अपने अन्य पुलिस पदाधिकारी के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया गया घटित घटना के संबंध में यह बात प्रकाश में आई है कि करीब एक वर्ष पूर्व उदय यदुवंशी की हत्या गोली मारकर मृत कैदी प्रभाकर कुमार के द्वारा कर दी गई थी। प्रभाकर कुमार के विरुद्ध अन्य काण्ड भी दर्ज है। इसी बाबत आज पैशी के दौरान उदय यदुवंशी के छोटे भाई विवेक यदुवंशी के द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ इस घटना को अंजाम दिया गया है। वहीं घटनास्थल से एक पिस्टल एवं पाँच खोखा बरामद किया गया है। घटनास्थल पर स्वान दस्ता की टीम के द्वारा जाँच किया जा रहा है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला भागलपुर से एफ०एल०एल० टीम बुलाई जा रही है। इस पटना में शामिल शेष फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया है। बहुत जल्द शेष फरार अपराधियों की गिरफ्तारी कर ली जायेगी।
वहीं वकील सत्येंद्र कुमार ने एचटी को फोन पर बताया कि यह घटना भीड़भाड़ वाले कोर्ट परिसर में हुई। प्रभाकर पंडित को पेशी के लिए जा रहे पुलिस जवानों ने बदमाशों पर गोली इसलिए नहीं चलाई है क्योंकि उन्हें लगा कि कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती।
वहीं पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सहरसा की एसपी लिपि सिंह को घटनास्थल का दौरा करने और मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। मैंने इस घटना की विस्तृत जांच के लिए कहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमलावरों ने रंजिश के चलते गोली चलाई या कैदी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए किया गया था।
सहरसा पुलिस ने दुर्दांत अपराधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने की थी। यह मामला अभी सरकार के विचाराधीन है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर अदालत परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। इस बीच वकीलों ने बेहतर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है।