दबंगई दिखाने वाले राजद नेता व पुत्र गिरफ्तार
सहरसा, नगर संवाददाता। करीब चार घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस ने दवा प्रतिनिधियों की पिटाई करने वाले ज्वेलरी व्यवसायी व राजद नेता सहित उसके पुत्रों को गिरफ्तार कर लिया।
व्यवसायी संजय स्वर्णकार, उसका दोनों पुत्र सहित अन्य अपनी दुकान बंद कर ऊपर बने घर में छिप कर अंदर से बंद कर लिया था। काफी मशक्कत के बाद भी कोई घर से बाहर नहीं निकला। जिसके बाद पुलिस दुकान के बाहर दुकान खुलने का इंतजार करने लगी। लेकिन सभी दूसरे रास्ते बाहर निकलने की तैयारी कर रहे था। जिसका पता चलने के बाद पुलिस ने रात करीब बारह बजे सभी को बाहर निकाला और गिरफ्तार कर थाना लायी। अतिक्रमण पर कार्रवाई की जरूरत :महावीर चौक सहित अन्य जगहों पर अतिक्रमण के कारण काफी परेशानी होती है। दुकानदार दुकान के बाहर जगह नहीं रखते हैं। दुकान के बाहर वही वाहन लगा सकते हैं जो उनसे सामान लेगें। दूसरे लोगों साथ अक्सर विवाद किया जाता है।
थाना से मिल चुकी है जमानत: संजय स्वर्णकार सहित उसका पुत्र पहले भी इसी प्रकार दबंगई दिखा चुका है। पिछले साल ही जब एक दुकान के कर्मी ने मारपीट आदि का आरोप लगाते हुए सदर थाना में आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया था। तब पुलिस ने थाना से ही जमानत दे दी। थाना से जमानत देने का कानून तो है लेकिन इसका फायदा आम लोगों को कम ही मिलता है।
पुलिस के सामने किया हमला
जिस दौरान ज्वेलरी दुकानदार द्वारा लाठी डंडे आदि से पिटाई की जा रही थी। उस दौरान महावीर चौक पर तैनात यातायात पुलिस भी मौजूद थी। लेकिन वे मूकदर्शक बने रहे। मामले की जानकारी मिलने पर दवा प्रतिनिधियों के अन्य साथी मौके पर पहुंचे और जानकारी लिया। जिसके बाद दुबारा उन लोगों पर हमला कर दिया। जिसकी जानकारी मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जिस दौरान भी दबंगई दिखाते हुए ईंट पत्थर सहित लाठी डंडे से हमला किया।
चौक के पास दो घंटे तक बवाल
बाइक लगाने जैसे मामूली बात को लेकर ज्वेलरी व्यवसायी सह राजद नेता व उनके पुत्रों के द्वारा पिटाई की घटना के बाद करीब दो घंटे तक महावीर चौक आसपास का इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पुलिस के सख्त रुख की वजह से मामला शांत हो गया। नहीं तो और बवाल होना तय था। लेकिन पहले यातायात पुलिस और बाद में सदर थाना पुलिस के ढीले रवैए पर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने गंभीरता से कारवाई की होती तो मामला इतना तूल नहीं पकड़ता।
पटना जैसी हो सकती थी घटना
पार्किग विवाद को लेकर शहर के महावीर चौक समीप हुआ बवाल राजधानी पटना में कुछ दिनों पहले हुए जेठुली को दोहराने का प्रयास लगता है। पटना में भी इसी प्रकार पार्किग विवाद के बाद बवाल मचा था। दवा प्रतिनिधियों सहित अन्य लोगों का कहना है कि दबंग व्यवसायी के द्वारा गोली फायरिंग भी किया गया था। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। एक दर्जन से अधिक क्षतिग्रस्त वाहन घटना को लेकर काफी कुछ कह रहा हैं। दूसरे पक्ष ने भी पथराव किया।
एमआर ने भी किया पथराव
लगातार दो बार साथियों के साथ स्वर्ण व्यवसायी और उनके पुत्रों के द्वारा की गयी पिटाई से आक्रोशित होकर विभिन्न दवा कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी पथराव किया। दवा प्रतिनिधि अपने साथियों के साथ पिटाई की घटना से नाराज होकर पथराव कर रहे थे। एमआर में इस बात को लेकर भी नाराजगी थी कि घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी रहने के बाद भी इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गयी। अगर तुरंत कार्रवाई होती तो घटना इस तरह से विस्फोटक रूप नहीं लेता।
आईएमए और डाक्टरों ने की घटना की निंदा
सहरसा जिला इंडियन मेडिकल एशोसियेशन ने पार्किग विवाद के कारण मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के साथ हुई घठना की निंदा किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे। वहीं आईएमए के अलावा अन्य एसोसिएशन ने भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन का समर्थन किया है। घटना की प्रसिद्ध सर्जन डा. गोपाल शरण सिंह, डा. अभिषेक कुणाल ने निंदा की है।