पटना, राज्य ब्यूरो । वन टाइम इंप्रूवमेंट (ओटीआई) स्कीम के तहत बिहार की एक सड़क के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 1043 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके तहत मुंगेर से मिर्जाचौकी (एनएच-80) को दो लेन साथ में पेव्ड सोल्जर के रूप में विकसित किया जाएगा। बिहार में सड़क के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी एक सड़क को ओटीआई के तहत इतनी बड़ी राशि उपलब्ध कराई गई है। अगले दो वर्षों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। मालूम हो कि इसके समानांतर एक फोर लेन का निर्माण भी प्रक्रिया में है।
इस तरह मिली है ओटीआई की राशि
एनएच-80 के मुंगेर के पास 70.15वें किमी से दोगाछी के पास 121.025वें किमी के लिए 477.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इसके तहत 50.875 किमी सड़क को विकसित किया जाएगा। दूसरे पैकेज के तहत इसके भागलपुर जीरो माइल के पास 132.895वें से 190.15वें किमी (मिर्जा चौकी) के बीच सड़क को विकसित किए जाने को लेकर 566.15 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 57.255 किमी सड़क नए सिरे से बनेगी। वहीं नाथनगर से भागलपुर शहर से होकर गुजरने वाले एनएच-80 के 119.885 वें किमी से 132.995 वें किमी की सड़क को सुदृढ़ किए जाने को ले अनुरक्षण मद में 9.94 करोड़ रुपए की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
एनएच-80 के समानांतर बन रही चार लेन सड़क
एनएच-80 के समानांतर एनएचएआई द्वारा मुंगेर से मिर्जाचौकी के बीच एक फोरलेन सड़क का निर्माण भी कराया जा रहा है। यह ग्रीनफील्ड सड़क है। इसकी लंबाई 120 किमी है। इसका निर्माण चार पैकेज के जरिए कराए जाने को लेकर निर्माण कंपनी का चयन कर लिया गया है। अगले तीन महीने में निर्माण कार्य भी आरंभ हो जाएगा।
क्या होगा फायदा
पूर्व बिहार को बंगाल, झारखंड तथा पटना से संपर्कता प्रदान करने के लिए यह महत्वपूर्ण सड़क है। इसकी पहल मुख्यमंत्री के स्तर से की गई थी। मुख्यमंत्री ने तीन वर्ष पूर्व हवाई सर्वे के दौरान एनएच-80 को दो लेन में विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था। इसकी स्वीकृति के लिए पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने केंद्र सरकार का आभार जताया है।
