सहरसा। प्रखंड के सरडीहा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या चार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 266 पर पोषाहार वितरण में अनियमितता बरते जाने की पुष्टि हुई है। मामले में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा नवंबर माह के टीएचआर राशि 19,015 रुपये का 50 फीसद राशि व्यय को अमान्य करते हुए उक्त राशि की समतुल्य का पोषाहार खरीद कर वितरण करने का आदेश दिया है। सेविका अर्पणा कुमारी द्वारा पोषाहार वितरण नहीं किये जाने पर मानदेय से उक्त राशि की वसूली की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरडीहा पंचायत के वार्ड संख्या चार निवासी कुश कुमार सिंह ने 21 जनवरी को बाल विकास परियोजना कार्यालय में परिवाद पत्र दायर कर सेविका पर पोषाहार वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था। सीडीपीओ ने संबंधित सेविका से स्पष्टीकरण तलब करते हुए पर्यवेक्षिका संजू कुमारी से मामले की जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में पोषाहार वितरण में अनियमितता करने का आरोप सही पाया गया। जांच के क्रम में पाया गया कि सरडीहा पंचायत के मुखिया सुमन कुमार सिंह की पुत्री सिद्धि कुमारी एवं पुत्र सत्यम कुमार का नाम पोषाहार वितरण पंजी में दर्ज है। नवंबर 2020 पोषाहार वितरण दर्शाया गया है। मुखिया के द्वारा बयान में कहा गया कि मेरे दोनों बच्चे गांव से बाहर पढ़ाई करते हैं। सेविका के द्वारा गलत नाम अंकित किया गया है। वार्ड सदस्य रेणू देवी ने अपने कहा कि टीएचआर वितरण में सेविका के द्वारा उन्हें नहीं बुलाया जाता है। नवंबर एवं जनवरी माह में 17 एवं 15 लाभुकों को पोषाहार की राशि से वंचित कर दिया गया। जबकि प्रत्येक माह निर्धारित तिथि को पोषाहार का वितरण करना आवश्यक है। शांभवी कुमारी के पिता कुंदन सिंह के ने जांच के दौरान बताया गया कि टीएचआर की सामग्री उन्हें नहीं मिली है। सेविका पर पंजी संधारण सही से नहीं करने का भी दोषी पाया गया। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि आगे से किसी प्रकार की चूक एवं अनियमितता बरते जाने पर उन्हें प्रावधान के अनुरूप चयन मुक्त कर दिया जाएगा।
Koshi Live DESK:
