मधेपुरा। 50 वर्ष की आयु होने पर जबरन सेवानिवृत्ति के आदेश की वापसी समेत अन्य 11 सूत्री मांगों के समर्थन में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) द्वारा प्रस्तावित 17 मार्च को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा।
इस बात की जानकारी देते हुए महासंघ (गोप गुट) मधेपुरा के संयुक्त सचिव सत्येंद्र कुमार ने बताया कि हमलोग 18 मार्च को एक दिवसीय धरना भी देंगे। सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी तुगलकी फरमान जारी कर रही है। इससे कर्मचारी मर्माहत हैं। इस परिस्थिति में आंदोलन को सशक्त बनाने की जरूरत है। इसके लिए सभी कर्मचारियों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यपालक सहायकों को एक निजी संस्था बेल्ट्रोन के हाथों गिरवी रखा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे वैश्विक महामारी में भूखे प्यासे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को घोषणा के बावजूद अभी तक अल्पाहार व भोजन मद की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। जो सरकार व प्रशासन के कर्मचारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। महासंघ के जिला सचिव रवींद्र कुमार, सम्मानित अध्यक्ष विनोद कुमार विमल तथा मुख्य संरक्षक मु. इजहार आलम ने जिले भर के कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा है कि अब समय आ गया है कि आंदोलन के लिए खुद को तैयार रहें। सभी ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप सभी रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति, वर्ष 2019 से प्रोन्नति पर लगे रोक की वापसी, सभी संविदा कर्मियों को सरकारी सेवक घोषित करने व सामान काम का समान वेतन देने, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने सहित 11 सूत्री मांगों के समर्थन में अब लंबा आंदोलन चलेगा।
