गया में पार्टी के अंदर शुरू हो गया विरोध
जदयू में रालोसपा के विलय की खबरों के बीच अनेक जगहों से पार्टी के अंदर विरोध भी शुरू हो गया है। गया जिले में रालोसपा का जदयू में संभावित विलय को लेकर बड़ा उलटफेर आने वाले दिनों में देखा जा सकता है। बीते शनिवार को इसकी शुरुआत भी दिखी। रालोसपा के प्रदेश महासचिव सह पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे विनय कुशवाहा ने पार्टी के पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने साथ-साथ 40 अन्य नेताओं की जो इस्तीफा देने वाले की सूची जारी की कुछ यही संकेत देते हैं। इस्तीफा देने के साथ ही विनय कुशवाहा ने उपेंद्र कुशवाहा पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। इसमें कुशवाहा जाति को बरगलाने से लेकर बिहार में पार्टी से जुड़े हजारों युवाओं के भविष्य को खराब करने का भी आरोप लगाया।
आने वाले समय में क्या होगा परिदृश्य
अब देखना दिलचस्प होगा की यदि रालोसपा का जदयू में विलय होता है तो पार्टी से असंतुष्ट चल रहे नेता अब अपना राजनीतिक भविष्य और ठिकाना कहां तलाशते हैं। इस बीच दूसरे पार्टी के बड़े नेता ऐसे लोगों को अपने यहां शामिल कराने पर विचार कर रहे हैं। संभव है आने वाले दिनों में रालोसपा में जो कशमकश अभी दिख रही है उसका परिणाम कई और बड़े नेताओं के छिटकने के रूप में दिखाई दे।
