कार्यक्रम में आने के लिए खेसारी ने खुद ही दिया था न्योता
खेसारी और अक्षरा का कार्यक्रम रविवार को पटना (Patna News) जिले के फतुहा (Fatuha News) स्थित एक वाटर पार्क (Water Park) में होना था। इस कार्यक्रम में लोगों को आने के लिए खुद खेसारी ने भी न्योता दिया था। अपने चहेते नायक-नायिका को एक साथ देखने के लिए यहां काफी संख्या में भीड़ जुट गई थी। भीड़ को संभालना मुश्किल होने लगा। इसी बीच लोगों को कार्यक्रम स्थगित किए जाने की सूचना दे दी गई। इसके बाद गुस्साए लोगों ने जो बवाल शुरू किया कि प्रशासन को शांत कराने में पसीने छूट गए। लोगों ने फतुहा से गुजरने वाले नेशनल हाइवे पर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों को समझाने में प्रशासन को पसीना छूट गया।
खेसारी ने कार्यक्रम स्थगित किए जाने को लेकर मांगी है माफी
खेसारी लाल यादव ने यह कार्यक्रम स्थगित किए जाने को लेकर पटना के लोगों से माफी मांगी है। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड करते हुए इसपर खेद जताया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे जल्द ही पटना में दोबारा आएंगे और अपने चहेतों का भरपूर मनोरंजन करेंगे। उन्होंने कार्यक्रम को अचानक स्थगित किए जाने को लेकर कोरोना का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर भीड़ काफी अधिक हो गई थी। इसके कारण प्रशासन ने कार्यक्रम शुरू करने की अनुमति नहीं दी।
कार्यक्रम के दौरान रोड़ेबाजी किए जाने पर खेसारी ने जताया अफसोस
खेसारी यादव ने कार्यक्रम के दौरान रोड़ेबाजी किए जाने पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि अपने प्रदेश बिहार के रहने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए वे इलाहाबाद (प्रयागराज) में चल रही अपनी फिल्म की शूटिंग छोड़कर खास तौर पर पटना आए थे, लेकिन स्थिति कुछ ऐसी बदली कि पटना आकर भी वे अपने कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि अक्षरा सिंह भी पटना आ चुकी थीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने कार्यक्रम में पत्थरबाजी कर दी, जिसके कारण प्रशासन ने इसे कैंसल करा दिया। दूसरी तरफ, उन्होंने कोरोना में अधिक भीड़ का हवाला देते हुए भी कार्यक्रम को कैंसिल करने की बात कही।
कार्यक्रम स्थगित किए जाने को लेकर अलग-अलग दावे
खेसारी लाल यादव ने कहा कि कार्यक्रम को स्थगित किए जाने का फैसला प्रशासन का है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन से बकायदा अनुमति ली गई थी। लेकिन, भीड़ अनुमान से काफी अधिक होने के कारण ऐसा निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को स्थगित करने में जनता का कोई कसूर नहीं है। दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस अधिकारी का कहना था कि यहां किसी कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी प्रशासन को नहीं थी। प्रशासन को फिल्म की शूटिंग किए जाने की जानकारी दी गई थी।
