सहरसा। जिले के स्कूलों में एक लंबे अरसे के बाद शिक्षण व्यवस्था पटरी पर लौटी है। सरकारी स्कूलों में 20 से 25 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ गयी है। स्कूलों में अब पहले की तरह चहल-पहल दिख रही है। करीब दस माह बाद सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन कार्य शुरू हो पाया है। शुरूआती दिनों में सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पांच प्रतिशत ही थी, लेकिन तीन चार दिनों में ही बच्चों की उपस्थिति 20 से 25 प्रतिशत बढ़ गई है। गैर सरकारी निजी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 40 से 50 प्रतिशत है।
कोरोना वायरस को लेकर 22 मार्च 20 से ही स्कूल कॉलेज बंद हो गए थे। करीब दस माह बाद सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को राज्य सरकार के निर्देश पर खोला गया है। पहले तो वर्ग नवम से बारहवीं के बच्चों का पठन-पाठन शुरू किया गया। बाद में फिर वर्ग छह से आठ तक के बच्चों को स्कूल जाने की अनुमति मिली। शुरू में तो स्कूलों में मुश्किल से पांच प्रतिशत बच्चे ही नजर आए, लेकिन, धीरे-धीरे स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ती गयी। जिले में प्रारंभिक विद्यालयों की संख्या करीब 1275 है। इन स्कूलों में अब छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने लगी है। हालांकि स्कूलों में हर वर्ग में नामांकन की तुलना में 50 प्रतिशत छात्रों को ही स्कूल आने को कहा गया है। बारी-बारी से छात्र स्कूल आते हैं। प्रतिदिन करीब 25 प्रतिशत बच्चों ने स्कूल आना शुरू कर दिया है।
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निजी स्कूलों में रहती 40 से 50 प्रतिशत उपस्थिति
जिले के निजी स्कूलों में 40 से 50 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति रहती है। निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की उपस्थिति सरकारी स्कूलों की अपेक्षा ज्यादा ही देखी जा रही है। शहर में करीब 400 से अधिक निजी विद्यालय संचालित है जिसमें वर्ग छह से 12वीं तक की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। निजी स्कूलों का बस सेवा भी शुरू है। जिस पर एक सीट पर एक छात्र को ही बिठाया जा रहा है।
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स्कूल में मास्क पहनना है अनिवार्य
सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। सरकार के निर्देश के मुताबिक मास्क पहनकर ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश करने दिया जा रहा है। वहीं स्कूल प्रशासन को भी विद्यालय परिसर को नियमित रूप से सैनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है।
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कोट
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 25 प्रतिशत बढ़ गई है। स्कूलों में धीरे-धीरे शिक्षण व्यवस्था पटरी पर लौट रही है। हाई स्कूलों में मास्क का वितरण किया जा चुका है। प्रारंभिक स्कूलों में जीविका द्वारा मास्क दिया जाएगा।
जयशंकर प्रसाद ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी
