पटना, ऑनलाइन डेस्क । बिहार में सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी को लेकर सियासत चरम पर है। कैबिनेट विस्तार को लेकर विपक्षी दल हमलावर हैं। इस बीच दल बदल का खेल भी क्लाइमेक्स पर है। जदयू में पहले ही बसपा के एक मात्र विधायक जमा खां और निर्दलीय विधायक सुमित सिंह शामिल हो चुके हैं। ओवैसी के पांचों विधायकों ने भी हाल ही में सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की है और आज उन्हें सशर्त्त समर्थन देने की घोषणा कर दी है। हालांकि उनकी शर्त्त से जदयू के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। सबकी नजरें जदयू के जवाब पर टिक गई है। आज तीन राजद विधायकों के अचानक डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के जनता दरबार में पहुंचने पर भी सियासी हलचल तेज है।
राजद ने कहा- जदूय और बीजेपी में सहमति नहीं
कैबिनेट विस्तार में देरी पर भी बयानबाजी जारी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि नई सरकार को बने कई महीने हो गए। कैबिनेट विस्तार में देरी से सरकार के सारे कार्य ठप पड़े हैं। अब देरी क्यों हो रही है ये तो वहीं बताएंगे जो चोर दरवाजे से सत्ता में आए हैं।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय मिश्रा ने कहा है कि बिहार में जिस दिन होगा कैबिनेट विस्तार, उसी दिन गिरेगी एनडीए सरकार। उन्होंने कहा है कि बीजेपी और जदयू में मंत्रियों के नाम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। बीजेपी सीएम नीतीश कुमार को निबटाने के चक्कर में है।
जदयू को बीजेपी से अलग होना होगा
आज ओवैसी की पार्टी के पांचों विधायकों ने पूर्णिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि हमारी पार्टी एआइएमआइएम नीतीश कुमार को समर्थन देने को तैयार है । मगर शर्त्त यह है कि जदयू को बीजेपी से गठबंधन तोड़ना पड़ेगा। जब तक बीजेपी गठबंधन में रहेगी समर्थन पर विचार नहीं किया जाएगा।
राजद विधायक बीजेपी की शरण में, दुष्कर्मी पति की रिहाई की गुहार
उधर, आज मंगलवार ( 2 फरवरी ) को डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के जनता दरबार में राजद के तीन विधायकों के पहुंचने पर भी सियासत गरमा गई है। आज तारकिशोर प्रसाद जनता दरबार में लोगों की समस्या की सुनवाई कर रहे थे, इसी बीच अचानक राजद की विधायक व पूर्व बाहुबली राजद विधायक राज वल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी अन्य दो राजद विधायक प्रो चंद्रशेखर और राम विशुन सिंह लाेहिया के साथ पहुंची । इसके बाद राजद विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि राजद विधायक चंद्रशेखर ने कहा है कि यह राजनीतिक नहीं व्यक्तिगत मुलाकात थी। उन्होंने अपने क्षेत्र विकास की बातें की।
अंदरखाने की खबर है कि विभा देवी अपने दुष्कर्मी पति राजवल्लभ यादव की रिहाई की गुहार लगाने डिप्टी सीएम के दरबार में गईं थी। उनके पति नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जेल में सजायाफ्ता हैं। उनके चुनाव लड़ने से रोक के कारण राजद ने पत्नी विभा देवी को टिकट दिया। विभा देवी इस बार नवादा से जीतकर विधायक बनी हैं।
