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Tuesday, January 19, 2021

BIHAR:सीएम नीतीश के सात निश्‍चय के तहत हर घर नल का जल योजना में सुस्ती, 15 दिनों में 84 एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई


पटना, राज्य ब्यूरो । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सात निश्‍चय में शामिल हर घर नल का जल योजना में पीछे चल रही एजेंसियों के खिलाफ पीएचईडी (Bihar Public Health Engineering Department) तेजी से कार्रवाई कर रहा है। एक पखवारे (fortnight) में इस श्रेणी की 84 एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की कई है। दो तरह की कार्रवाई हो रही है। एक, एजेंसियों और ठेकेदारों के नाम काली सूची (black listed) में डाल दिए गए हैं। दो, कारण बताओ (show cause) नोटिस जारी कर पूछा गया है कि क्यों नहीं उनके नाम काली सूची में डाल दिए जाएं। काली सूची में नाम दर्ज होने वाली एजेंसियां विभाग के किसी अगले टेंडर (tender) में हिस्सा नहीं ले सकती हैं।

कछुए की चाल से चल रही एजेंसियों पर कार्रवाई

सूत्रों ने बताया कि कार्रवाई के दायरे में आई एजेंसियां बेहद सुस्ती (very slow) से काम कर रही हैं। भागलपुर जिला के कहलगांव प्रखंड के जानीडीह पंचायत में ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना को विस्तारित किया जा रहा है। एकरारनामा के हिसाब से यह काम पिछले ही साल समाप्त हो जाना था। जांच के दौरान पाया गया कि महज 70 प्रतिशत काम हो पाया है। एजेंसी बीपी कंस्ट्रक्शन (BP Construction) को अगली निविदा में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है। विभाग की सख्त कार्रवाई से यह भी पता चल रहा है कि राज्य के कई हिस्से में यह महत्वाकांक्षी योजना निर्धारित अवधि में पूरी नहीं हो पाई। हालांकि, देरी का एक कारण कोरोना को भी बताया जा रहा है।

16 योजना, छह काम

पटना की एक एजेंसी रागिनी को अररिया के 16 वार्डों में हर घर नल का जल पहुंचाने का ठेका (contract) दिया गया है। विभागीय अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक सिर्फ छह योजनाओं का काम पूरा हो पाया है। अररिया के कार्यपालक अभियंता ने लिखा कि इस एजेंसी से 31 जनवरी तक काम पूरा नहीं हो सकता है। इसी आधार पर रागिनी के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह एजेंसी भी टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकती है। अररिया के मामले में ही नई दिल्ली की एजेंसी राज कॉनबिल्ड लिमिटेड(Raj ConBuild Ltd) के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इस एजेंसी को 34 वार्ड में काम करना था। सिर्फ 10 में काम पूरा हुआ।

राजधानी में भी लापरवाही :

सुदूर इलाके में ही नहीं, इस योजना के प्रति एजेंसियों की सुस्ती राजधानी पटना से सटे इलाके में भी रही। पटना सदर के पंचायत मर्चा-मर्ची में हर घर नल का जल पहुंचाने का जिम्मा अरसा इंफ्राटेक को दिया गया था। पिछले साल मार्च तक काम पूरा होना था। विभाग ने इस एजेंसी का काम रोक दिया है। झारखंड के एक ठीकेदार श्रीकांत राय को औरंगाबाद जिले में योजना के तहत काम दिया गया था। काम खत्म करने की मियाद छह महीने थी। 10 महीना बाद भी काम पूरा नहीं हुआ तो ठीकेदार के खिलाफ कार्रवाई की गई।