सुपौल। कन्या विवाह योजना अंतर्गत प्रखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों से सैकड़ों की संख्या में लाभुक लाभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे लाभुक बीते पांच साल से लाभ के इंतजार में है। गौरतलब हो कि कन्या विवाह योजना अंतर्गत नवविवाहितों को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता सरकार की ओर से दिए जाने का प्रावधान है। भगवानपुर पंचायत के मुखिया जयप्रकाश पासवान ने बताया कि उनके यहां एक दर्जन के आसपास लाभुक है, जिन्होंने छह साल पूर्व आवेदन किया और आज भी उनको लाभ का इंतजार है। इस महत्वाकांक्षी योजना में सरकार की ओर से बीते पांच वर्षों से राशि आवंटित नहीं की गई है। जिसके कारण गरीबों को योजना की राशि का समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्हें इसके लिए वर्षो से पंचायत से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक का चक्कर लगानी पड़ रही है।
क्या है योजना।
गरीबी बेटी की शादी में रोड़ा न बने इसके लिए सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नव विवाहिता को पांच हजार रुपया देना शुरू किया। इस राशि को पाने के लिए कन्या पक्ष के माता-पिता को प्रखंड में शादी का निबंधन कराना पड़ता है। निबंधन उपरांत कन्या के स्वजन को संबंधित ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। तत्पश्चात जांचोपरांत प्रखंड कार्यालय से पांच हजार रुपये का चेक कन्या के नाम से प्रदान किया जाता है।
आवंटन पर भारी पड़ रहा आवेदन
योजना के शुरुआती काल से ही विडंबना रही है कि प्रखंड में जिस अनुपात से निबंधन आता है। उस अनुपात में राशि उपलब्ध नहीं कराई जाती है। परिणाम होता है कि इन राशि को पाते-पाते वर्षो गुजर जाते हैं। आज के तारीख में सैकड़ों कन्याओं का भुगतान आवंटन के अभाव में लंबित पड़ा है।
क्या कहते हैं आरडीओ
आरडीओ देवानंद कुमार सिंह ने कहा कि प्रखंड में अब सिर्फ निबंधन किया जाता है। राशि उपर से सीधे लाभुक के खाते में डाली जाती है। जिन लाभुकों के आवेदन में कोई तकनीकी गड़बड़ी है उनका ही भुगतान बकाया है।
