घैलाढ़ – पिपराही मंदिर घाट पूर्व में छठ की तैयारी जोरों पर, घाटों पर बनी मां छठ मूर्ती लगी टेन्ट और लाईट
वैश्विक महामारी में भी छठ का व्रत करने वाले सरस्वती पुजा कमिटी पिपराही की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है. छठ का महापर्व यूपी-बिहार से निकलकर देश की सीमाएं लांघ कर विदेशों तक पहुंच चुका है. महिलाएं पुत्र रत्न की प्राप्ति और दीर्घायु की कामना को लेकर छठ का व्रत करती हैं. इसके साथ परिवार और समाज में सुख शांति के लिए भी महिलाओं द्वारा कामना की जाती है.
पिपराही के पूर्व छठ माई घाट पर. यहां पर म
सरस्वती पुजा कमिटी पिपराही छठ के महापर्व और कठिन व्रत के लिए घाट पर परिवार के लोगों के साथ तैयारी में जुटी हैं. पत्रकार रामानंद कुमार और परिवार के साथ यहं पर आये हैं. पत्रकार रामानंद कुमार कहते हैं कि पिछले कई सालो से छठ मैया मंदिर पर सरस्वती पुजा कमिटी पिपराही के समस्त पिपराही ग्राम वासी यहाँ व्रत कर रहा हैं. वे बताते है कि छठ मइया से जो मांगते हैं, वो पूरा करते हैं. उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटियां हैं और दो बेटे हैं. बेटे की मुराद पूरी होने के बाद से व्रत कर रही हैं. ये व्रत निराजल करते हैं. कैलाश बताते हैं कि. ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. उसके बाद दूसरे दिन भोर में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद से व्रत पुरा हो जाते है,सभी मताये ,बहनें अपने बेटे और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रहती हैं
