छात्र राजद ने टी पी कॉलेज के गेट के आगे मोमबत्ती जलाकर ओर थाली पिट कर बेरोजगारी-गरीबी-निजीकरण-भ्रस्टाचार का विरोध किया
केंद्र और राज्य सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरने के लिए बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव जी ने बुधवार को रात में 9 बजे सबसे लालटेन, दीपक या मोमबत्ती जलाने का आह्वान किया था. तेजस्वी के इस आह्वान को जबरदस्त जनसमर्थन मिला है. तेजस्वी खुद अपनी मां पूर्व सीएम राबड़ी देवी के साथ उनके आवास पर सारी लाइटें बंद कर लालटेन जला चुके है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जापानी यादव ने बतलाया कि :
बिहार बेरोजगारी का केंद्र बन चुका है नीतीश कुमार आज तक रोजगार नहीं दे पा रहे जबकी सरकारी विभागों में पोस्ट खाली पड़े हैं, जिसका आंकड़ा राजद ने कई बार सरकार के सामने रखा.
बिहार के नौजवानों ने जिन लोगों को सत्ता पर बैठाया उन्होंने बेरोजगार युवाओं को कुछ भी नहीं दिया यहां की सरकार को अपनी कुर्सी की चिंता है नौजवानों से कोई मतलब नहीं है। नीतीश कुमार के शासन काल में सबसे ज्यादा युवक पीड़ित हैं ओर शिक्षा की स्थिति बदतर हो गई है। निजीकरण और भरस्टाचार के साथ बेरोजगारी के लिए भी हल्ला बोल बिहार के जनता ने किया है । नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मुहीम से सभी बेरोजगार जुड़े और रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर बेरोजगारी के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए दीपक जलाया।
मौके पर मौजूद बीएनएमयू #प्रभारी नीतीश यदुवंशी और माधव कुमार ने बताया कि
बिहार के बेरोजगार युवक जब सरकार से इसके बारे में सवाल उठाते हैं तो उनकी पुलिस नौजवानों के ऊपर लाठी बरसाती है. इसीलिये तेजस्वि यादव ने दावा कि इस बार उनकी सरकार बनी तो वे युवाओं के साथ आर्थिक न्याय करेंगे इसीलिये बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्या को लेकर तेजस्वी यादव ने मंगलवार को ही कहा था कि इन समस्याओं के समाधान के लिए राजद ब्लू-प्रिंट तैयार कर रही है।
मोके पर निरंज बाबू साहब और अभिलाश यदुवंशी और ने कहा
इसी अभियान की शुरुआत रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर बेरोजगारी के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए दीपक जलाने से किया जा रहा है. मंगलवार को तेजस्वी यादव ने फेसबुक लाइव के माध्यम से यह अपील की थी कि आम लोग उनकी आवाज़ को मजबूती दें. बेरोजगारी के खिलाफ एकसाथ आएं और अपने-अपने घरों की लाइट ऑफ कर दीया जलाएं.
मौके पर मौजूद रहे....रंजीत कुमार, विभीषण कुमार, मिरतुंजय कुमार, राकेश कुमार, विवेकानंद कुमार, शंकर कुमार, मिथलेश कुमार दरजनों छात्र उपस्थित थे।