पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले दलों को बदलने का सिलसिला भी जोर शोर से शुरू हो गया है. आज महागठबंधन के घटक दलों के कई नेताओं ने जेडीयू का दामन थाम लिया है. महागठबंधन के लिए बुरी खबर है.
जेडीयू-कांग्रेस के कई नेताओं को सदस्यता ललन सिंह और अशोक चौधरी ने आज पटना में सदस्यता दिलाई. आरजेडी के राघोपुर से पूर्व विधायक भोला राय, कांग्रेस विधायक पूर्णिमा यादव, कांग्रेस विधायक सुदर्शन कुमार, आरएलएसपी प्रवक्ता अभिषेक झा भी जेडीयू में शामिल हुए.
जेडीयू भोला राय तीन बार विधायक रह चुके हैं. कर्पूरी ठाकुर के साथ भी उन्होंने काम किया है. लालू प्रसाद के लिए उन्होंने राघोपुर सीट तक छोड़ी थी भोला राय. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद के परिवार ने उनके साथ कभी न्याय नहीं किया.
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार को वहीं सरकार आगे ले जा सकती है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके. बिहार की जनता निश्चित रूप से एनडीए सरकार पर विश्वास जताया कि और एक ऐतिहासिक मेजोरिटी के साथ सफलता एनडीए को हासिल होगी.
वहीं, रघुवंश प्रसाद सिंह भी ललन सिंह ने कहा कि वो सम्मानित और चरित्रवान नेता हैं. कर्पूरी ठाकुर की सरकार में मंत्री रहे, तब से जानते हैं. वो 32 साल लालू प्रसाद के साथ रहे लेकिन उन्हें भी अपमानित किया गया. आरजेडी में लेनदेन से टिकट मिलता है. रघुवंश प्रसाद किसी भी दल में जाएंगे, उसके लिए ऐसेट होंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है, तो मुख्यमंत्री विचार करेंगे.
कार्यक्रम में ललन सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव एक सवाल का जवाब दें, लालू प्रसाद किस वजह से होटवार जेल में हैं. उन्हें सवाल पूछने का अधिकार नहीं. तेजस्वी यादव मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं. नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को उंगली पकड़ कर आगे बढ़ाया है.
वहीं, कांग्रेस से जेडीयू में शामिल हुईं पूर्णिमा यादव ने कहा है कि हमने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अबतक हर चुनाव लड़ा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए बहुत काम किया. महिलाओं को सरकारी नौकरी में आरक्षण दिया.
कांग्रेस नेता सुदर्शन ने भी जेडीयू में शामिल होने पर कहा कि हम दिल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आभारी है. मैं पूरी लगन से जेडीयू कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा.