Kosi Live-कोशी लाइव बिहार में शराबबंदी के नाम पर रिश्वतखोरी! दारोगा ने शराब सप्लायर से मांगे 1 लाख रुपये, ऑडियो वायरल - Kosi Live-कोशी लाइव

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Friday, August 28, 2020

बिहार में शराबबंदी के नाम पर रिश्वतखोरी! दारोगा ने शराब सप्लायर से मांगे 1 लाख रुपये, ऑडियो वायरल

बिहार में शराबबंदी की आड़ में भी अब कुछ वर्दीवाले रिश्वतखोरी की गोटी बिठा रहे हैं। शराब पकड़ाने के बाद वे केस में पार्टी को फंसने से बचाने का जुगाड़ बैठाते हैं। इस काम के लिए वे एक-एक लाख रुपये तक की रिश्वत में बेहिचक मांग बैठते हैं। रिश्वत के सामने वे अपना फर्ज व पुलिस की वर्दी का भी मर्यादा भूल जाते हैं। ऐसा ही बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाने में पदस्थापित एक दारोगा से जुड़ा ताजातरीन मामला प्रकाश में आया है। मामले का ऑडियो सोशल मीडिया व कई न्यूज पोर्टल पर खूब वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो की पड़ताल में पता चला कि यह ऑडियो बछवाड़ा थाने में तैनात दारोगा अरुण कुमार सिन्हा व बछवाड़ा थाना क्षेत्र के टारा गांव निवासी सतीश नामक एक युवक के बीच हुई बातचीत की है। 

वायरल ऑडियो में हुई बातचीत का अंश

दारोगा- ' ऐ सतीश कुछ जुगाड़ बैठैयो हो।' 

पार्टी- ' क्या?' 
दारोगा- 'मने तोरा बचै कय कुछ जुगाड़ बैठावें।' 
पार्टी- 'जी बैठाइए न।' 
दारोगा- 'खर्चा करबही।' 


पार्टी - कर देंगे, खर्चा में कोई दिक्कत नहीं है।' 
दारोगा- एगो लेकर आओ, हम अभी नाम हटवा देंगे।' 
पार्टी- ' कितना? नहीं समझे।' 
दारोगा- ' बच्चा है जो नहीं समझा, अरे एकाध लाख रुपया खर्चा करहीं ना।' 
पार्टी- ' जादे नहीं हो जाता है।' 
दारोगा- ' तुहीं बताव कितना में दिमाग लगाएं।' 
पार्टी- '20- 30 में लगाइए ना।' 
दारोगा- 'बुड़बक 20- 30 हजार रुपया तो हवा में उड़कर आ जाता है, ऐसे ही बड़ा बाबू तुम पर खिसिआइल रहता है। उनको मनाना मामूली समझै हई तू। हम जेतना बोललियौ उतना में 10- 20 हजार कम कय व्यवस्था कर। जो भी करना एकाध घंटा के अंदर कर, नहीं तो काम बिगड़ जाएगा।' 
पार्टी- ' ठीक है।' 

वायरल ऑडियो के आधार पर जब दारोगा अरुण कुमार सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सतीश क्षेत्र में शराब का सप्लायर है। दो दिनों पूर्व ही बैंक बाजार के पास करीब 7 कार्टन अवैध शराब पकड़ी गई थी। इस मामले में उससे पूछताछ करना था। वह नहीं आ रहा था। इस तरह की बातचीत से ट्रैप कर उसे पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा था। हालांकि अपनी सफाई में दरोगा जी जो कुछ भी कह लें किंतु किसी शराब माफिया को इस तरह ट्रैप कर बुलाने की बात लोगों को हजम नहीं हो रही। दुर्भाग्य की बात यह है कि जिस थाने के थानाध्यक्ष पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, उनके नाक के नीचे की यह घटना है।  

इधर थानाध्यक्ष यशोदा नंद पांडेय ने बताया है कि थाना कांड संख्या 176/20 में दारोगा अरुण कुमार सिन्हा केस का आईओ है। कहा कि जिस शख्स से उसने मोबाइल पर बातचीत की है, उसका केस में नाम नहीं है। उसने उसके साथ इस तरह की क्यों बातचीत की है, जांच के बाद ही बता सकेंगे। बहरहाल वायरल ऑडियो के आधार पर पुलिस की कार्यशैली पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।