CBI को ट्रांसफर नहीं होगा सुशांत सिंह सुसाइड केस, महाराष्ट्र सरकार ने कहा- पुलिस कर रही इन्वेस्टिग
नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत के निधन को एक महीने से अधिक समय हो गया है लेकिन अभी तक उनकी खुदकुशी की असल वजह सामने नहीं आई है। सुशांत के परिजन और फैंस लगातार इस केस में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार ने साफ कर दिया है कि मामला सीबीआई को नहीं ट्रांसफर किया जाएगा। बुधवार की शाम महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मीडिया को बताया कि एक्टर के आत्महत्या मामले की तहकीकात मुंबई पुलिस कर रही है। इसे सीबीआई को नहीं सौंपा जाएगा।
सीबीआई को ट्रांसफर नहीं होगा केस
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस बयान से एक बार फिर से सुशांत सिंह राजपूत के चाहने वाले और उनके फैंस में निराशा फैल गई है। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर अपना रोष व्यक्त किया है। बता दें कि 14 जून, 2020 को सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे। मुंबई पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में एक्टर की मौत को खुदकुशी बताया है। इस मामले में पुलिस अब तक 40 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
रिया ने भी की थी सीबीआई जांच की मांग
उधर, सुशांत सिंह के पिता केके सिंह ने अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के खिलाफ पटना में एफआईआर दर्ज कराई है। पिता ने रिया पर कई संगीन आरोप लगाए हैं जिसके बाद पटना पुलिस रिया चक्रवर्ती के पूछताछ करने अब मुंबई पहुंची है। बता दें कि रिया चक्रवर्ती भी अपने ट्वीट के माध्यम से सुशांत सिंह सुसाइड केस में सीबीआई जांच की मांग कर चुकी हैं, उनका कहना था कि सब उन्हें ही एक्टर की मौत का दोषी मानते हैं इसलिए सच्चाई का सामने आना जरूरी है।
मुंबई पुलिस की जांच पर उटाए सवाल
एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन मुंबई पुलिस अब तक सुशांत सिंह राजपूत की मौत के कारण का पता नहीं लगा सकी है। इस बीच दिल्ली के एक वकील ईशकरण भंडारी ने सुशांत की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उटाए हैं और सीबीआई जांच की मांग की है। ईशकरण भंडारी ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। वहीं भंडारी ने मुबंई पुलिस की जांच की खामियों पर सवाल उठाए हैं।
पहले भी मना कर चुकी है महाराष्ट्र सरकार
बता दें कि सुशांत सिंह केस में शेखर सुमन और सुब्रमण्यम स्वामी जैसी कई बड़ी हस्तियों के सीबीआई जांच की मांग पर पहले भी महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख इन मांगों को खारिज कर चुके हैं। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इन मांगों पर कहा था कि इस केस में कोई सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है। मुंबई पुलिस इस केस को सुलझाने में पूरी तरह से सक्षम हैं। मालूम हो कि पुलिस को सुशांत के कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। जिसके बाद से उनकी खुदकुशी एक राज बन गई है। मुंबई पुलिस लगातार इस मामले में जांच कर रही है और फिल्म इडंस्ट्री से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
सुशांत के पिता ने रिया पर लगाए ये आरोप
सुशांत के पिता केके सिंह ने अपने बेटे की गर्लफ्रेंड और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें केके सिंह ने रिया पर सुशांत को प्रेम के जाल में फंसाकर उससे पैसे ऐंठने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है, साथ ही केके सिंह ने सुशांत सिंह का इलाज कर रहे डॉक्टर पर भी रिया के साथ मिले होने का आरोप लगाया है, फिलहाल रिया के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर की एक कॉपी इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। केके सिंह का आरोप है कि रिया चक्रवर्ती ने एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था, वो उससे बहुत सारी चीजों की डिमांड करने लगी थी।
FIR दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची रिया चक्रवर्ती
इस बीच केके सिंह की एफआईआर के बाद रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रिया ने देश की सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपील की है कि बिहार के पटना शहर में सुशांत के पिता द्वारा जो रिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उसे मुंबई ट्रांसफर किया जाए। मालूम हो कि रिया चक्रवर्ती की ओर से ये केस देश के जाने माने वकील सतीश मानेशिंदे लड़ रहे हैं। रिया ने इस केस में अपने बचाव के लिए सतीश मानेशिंदे को हायर किया है। ये देश के सबसे मंहगे वकील हैं।
CBI जांच के लिए पीएम को पत्र
सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में हर दिन एक नया मोड़ आ रहा है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा नियुक्त अधिवक्ता ने जानकारी दी है कि पीएम मोदी के कार्यालय ने सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा लिखे सीबीआई जांच की मांग वाले पत्र को एक्नॉलेज (स्वीकार) कर लिया है। बता दें कि सुशांत सिंह के चाहने वाले एक्टर के निधन के बाद से ही इस केस में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, जिसे सुब्रमण्यम स्वामी का भी समर्थन मिला था।





