चुनाव की तारीख की क्या है हकीकत
मामला जब अधिक गर्म होने लगा तो News 18 Hindi ने खबर की हकीकत की जानकारी ली. पड़ताल में मामला कुछ और ही निकला. दरअसल सोशल मीडिया पर चल रही विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान की यह खबर पूरी तरह फेक न्यूज़ पाई गई. हमने जब इस खबर की जानकारी बिहार निर्वाचन आयोग से ली तो खबर पूरी तरह से भ्रामक और गलत करार दी गई.

व्हाट्सएप पर वायरल मैसेज
गौरतलब है कि भारत सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इसकी कोई जानकारी नहीं है. बिहार निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि चुनाव की घोषणा निर्वाचन आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सबके सामने करता है. सोशल मीडिया पर चुनाव की घोषणा नहीं की जाती. जब चुनाव की तारीखों की घोषणा होगी तो उससे पहले राजनीतिक दलों से सलाह भी ली जाती है. चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले बताया जाता है कि कब और किस समय घोषणा की जाएगी
शरारती तत्वों ने फैलाया गलत मैसेज
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर फैलाई गई खबर पूरी तरह से भ्रामक और गलत है. पूरे मामलों की तहकीकात के बाद मामला साफ हुआ कि यह वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में 'पत्रिका' (लिंक क्लिक करें) में छपी हुई खबर का एक पार्ट है, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. जाहिर है यह खबर शरारती तत्वों के द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई गई. ऐसी भ्रामक और फेक खबरों पर भरोसा ना करें और ऐसी खबर फैलाने वालों पर कार्रवाई हो.
