सहरसा। जिले के सोनवर्षा प्रखंड में सेविका बनने के लिए एक नाबालिग से ब्याह रचाने का मामला उजागर हुआ है। हालांकि शिकायतों और आमसभा पंजी में इसका जिक्र किया गया, परंतु शिकायत करने के बाद भी नाबालिग से शादी करने वाली महिला को चयन पत्र दे दिया गया। वहीं विभागीय अधिकारी द्वारा उक्त शिकायत की जांच अबतक नहीं की गई है। जबकि सेविका चयन में हो रही गड़बड़ी के बाबत आए दिन डीएम से लेकर प्रमंडलीय आयुक्त तक शिकायतें पहुंच रही है, परंतु इस मामले की जांच पर विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
उल्लेखनीय है कि सोनवर्षा प्रखंड के अतलखा निवासी सहदीश यादव के पुत्र रिकेश कुमार से सौरबाजार प्रखंड के नादो पंचायत के कपिलदेव यादव की पुत्री रानी कुमार की शादी से हुई। चयन के समय दिए गए कागजात के अनुसार यह शादी 9 नवंबर 2018 को होने का दावा किया गया है।
जबकि पंचायत की मुखिया शांति देवी के प्रमाणपत्र से शादी की तारीख 15 नवंबर 2018 दिया गया है। हालांकि सेविका अभ्यर्थी ने रक्तकाली मंदिर सहरसा का विवाह संबंधी रसीद संलग्न किया है। उपलब्ध कागजातों से स्पष्ट है कि रानी का जन्मतिथि 01-01.1995 है, जबकि रिकेश के मध्य विद्यालय अतलखा से जारी स्थानांतरण प्रमाणपत्र में उसकी जन्मतिथि 08 जनवरी 2001 है। अर्थात शादी के समय रीतेश की उम्र 18 वर्ष में भी दस महीना कम है। वहीं प्रमाणपत्र के अनुसार रानी अपने पति रिकेश से पांच वर्ष बड़ी है। दूसरे आवेदकों द्वारा इसकी विभागीय अधिकारियों से शिकायत भी की गई। इस शिकायत को आमसभा पंजी में दर्ज किया गया है। आमसभा पंजी में दर्ज इस मामले को लेकर आज तक जांच नहीं हो पाई है। इस बाबत डीपीओ रीता सिन्हा ने बताया कि यह एक गंभीर मामला है। उनके स्तर से जांच के लिए भी लिखा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद गड़बड़ी स्पष्ट होने पर उक्त चयन को रद किया जाएगा।