कोविड-19 / महाराष्ट्र के अक्लकुंआ मदरसा से आए 7 और छात्र पाए गए पाॅजिटिव, क्वारेंटाइन से पहले दो दिन तक थे घर पर
मधेपुरा. महाराष्ट्र के अक्लकुंआ मदरसा से आए सात अन्य छात्र भी कोरोना संक्रमित पाए गए। इस मदरसा से आए अबतक कुल 14 छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। शुक्रवार की देर रात को आई रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमित छात्रों में कुमारखंड प्रखंड के तीन, बिहारीगंज के दो और मधेपुरा व मुरलीगंज प्रखंड के एक-एक छात्र हैं।
जिले में अबतक 16 कोरोना संक्रमित मरीज हो गए हैं। जिसमें से बिहारीगंज के माेहनपुर पंचायत के रहटा और घैलाढ़ प्रखंड के बरदाहा की महिला मरीज स्वस्थ हो गई हैं। ये दोनों महिला इलाज कराने के लिए आईजीआईएमएस पटना गई हुई थीं। वहीं पर दोनों संक्रमित हुई थी।
जिला प्रशासन के लिए परेशानी की बात यह है कि शुक्रवार को जिन सात छात्रों को कोरोना संक्रमित पाया गया है, वे सभी छात्र महाराष्ट्र से मधेपुरा के आने के बाद सात मई को अपने-अपने घर भेज दिए गए थे। जबकि पुरैनी और घैलाढ़ प्रखंड के 25 छात्रों को 6 मई को ही मधेपुरा में क्वारेंटाइन कर दिया गया था। इनमें सात छात्रों की 9 मई की रात को पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। इसके बाद विभिन्न प्रखंडों में घर भेज दिए गए अक्लकुंआ मदरसा के अन्य छात्रों को प्रशासन ने क्वारेंटाइन कर बाद में उनका सैंपल लिया था।
ऐसे में अब आशंका जताई जा रही है कि रेड जोन से आए मदरसा के इन छात्रों को घर भेज देने के बाद दुर्भाग्यवश अगर उनके परिजन या उनसे मिलने वाले भी कोई कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं, तो जिले में कोरोना संक्रमित का चेन बन जाएगा। यह खतरनाक स्थिति बन सकती है। शनिवार को विभिन्न जगहों पर मैपिंग करने के बाद संक्रमित छात्राें के परिजनों आदि की स्क्रीनिंग की गई।
संक्रमितों के घर को केंद्र मान इलाके को किया सील
सात नए कोरोना मरीज की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने मधेपुरा, मुरलीगंज, कुमारखंड और बिहारीगंज के कुछ इलाकों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी। सदर प्रखंड के चौरा गांव का संक्रमित पाए जाने के बाद महेशुआ व आसपास, कुमारखंड में रहटा व आसपास, पुरैनी पंचायत, विशनपुर संदर के आसपास, मुरलीगंज में रेलवे लाइन मीरगंज ढाला, इंडियन ढाबा के आसपास के इलाके को सील करने का डीएम ने आदेश जारी किया है।