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मधेपुरा। कोरोना वायरस के आहट से हर ओर सावधानी बरती जा रही है। इसका असर अब बाबा नगरी सिंहेश्वर में भी दिखना शुरू हो गया है। इस कारण इन दिनों सिंहेश्वर में चल रहे मेले पर भी संकट का बादल गहराता जा रहा है।
बिहार सरकार के आदेश पर जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने एहतियात के तौर पर मेले में थियेटर व सर्कस बंद करने आदेश जारी किया है। इस आदेश से मेले में विभिन्न जगहों से व्यवसाय करने आएं कारोबारियों के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई है। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा है। इन लोगों का कहना है कि सोचा था कि इस बार मेले में अच्छी कमाई होगी। पर जब मेला ही नहीं रहेगा तो हमलोगों के व्यवसाय का क्या होगा। कारोबार पर लगा ग्रहण मेले में कम लोगों के पहुंचने पर दुकान व कई तरह के स्टॉल लगाने वाले कारोबारियों पर तो मानों आफत ही आ गई है। मेले में इस बार जहां एक से बढ़ कर एक दुकान लगाई गई थी। श्रृंगार प्रसाधन के साथ तरह-तरह के व्यंजनों के लिए होटल व स्टॉल लगाए गए हैं। ऐसे में इन लोगों के लिए इतना बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बंदी से छोटे-छोटे कारोबारियों की जान सांसत में फंस गई है। करे भी तो क्या अपनी किस्मत और नियति पर इसका ठिकरा फोड़ रहे हैं।
विदेशों से भी आते हैं श्रद्धालु मेले में हर बार की तरह इस बार भी सभी कारोबारियों को आशा थी कि इस बार भी नेपाल और भूटान से विदेशी श्रद्धालु यहां आएंगे। लेकिन कोरोना ने सबके आशाओं पर पानी फेर दिया है। व्यापारियों ने इस बार हर पिछले वर्ष की अपेक्षा बेहतर कारोबार की योजना बनाई थी। मेले में स्टॉल लगाने वाले कारोबारियों का हर वर्ष विदेशों से आने वाले श्रद्धालु खाफी खरीदारी करते थे। इससे इनका मुनाफा बेहतर होता था। पर इस बार कोरोना ने सब पर पानी फेर दिया है।
क्या कहते हैं कारोबारी कोरोना के कारण एहतियात बरतने के लिए सरकार ने थियेटर व सर्कस को बंद करने का आदेश दे दिया है। कारोबारियों के बारे में नहीं सोचा। हमलोगों ने अपनी सभी पूंजी इस मेले में लगाई थी। अब जब मेला ही बंद हो रहा है तो हमलोगों के सामने भूखमरी की समस्या आग गई है। सरकार को हमलोगों के बारे में भी सोचना चाहिए। जितेंद्र कुमार, मेला दुकानदार
मेले में कोरोना का असर है। हमलोगों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। हमलोग हर वर्ष यहां मेले से अच्छी खासी आमदनी करते थे। पर मेला के बंद होने से इस बार हमलोगों के व्यापार पर संकट गहरा गया है। सरकार को हमलोगों के लिए कुछ करना चाहिए। इससे आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। -सरफेश आलम, मेला दुकानदार
मेला बंद होने के कगार पर है। खासकर छोटे पूंजी वाले के लिए विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार से मांग करते है कि हमलोगों को आर्थिक मदद दें। ताकि हमलोगों को हो रहे नुकसान की भारपाई हो सके। -राहुल कुमार, मेला दुकानदार सिंहेश्वर मेले के बंद होने से हमलोग की गाढ़ी कमाई डूब रही है। हमलोग के सामने भूखमरी की नौबत आ रही है। सरकारी स्तर पर हमलोगों को मदद की दरकार है। -रंजन कुमार, मेला दुकानदार
