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सहरसा। गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में डीएम कौशल कुमार की अध्यक्षता में जल, जीवन व हरियाली से संबंधित समीक्षा बैठक हुई। बैठक में हवाई सर्वे के आधार पर सार्वजनिक तालाब, पोखर आहर, पाईन आदि जल निकायों की प्राप्त सूची के आलोक में सभी अंचलों में जल निकायों का सत्यापन के उपरांत तैयार की गई सूची का अवलोकन किया गया। डीएम ने कहा कि सर्वे के आधार पर स्थल सत्यापन के उपरांत जलनिकायों की सूची तैयार कर मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराते हुए उनसे मंतव्य लेकर हर हाल में अंतिम सूची अगले एक सप्ताह तक उपलब्ध कराएं। जिसमें सार्वजनिक एवं रैयती भूमि का अलग- अलग सूची तैयार किया जाए। कहा कि अंतिम रूप से चिह्नित सार्वजनिक जल निकायों में अतिक्रमण व अतिक्रमण मुक्त की सूची तैयार की जाए। वर्तमान में एरियल सर्वे के आधार पर सहरसा जिलान्तर्गत 1706 जल निकाय की सूची प्राप्त हुई है। सभी सीओ से अलग- अलग समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि जहां-जहां भी स्थाई या अस्थाई अतिक्रमण पाया गया है, वहां अतिक्रमणवाद चलाकर अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई करें। उन्होंने जल निकायों के भिड पर बसे भूमिहीन महादलित समुदायों के मामले में उन्हें बास हेतु पर्चा उपलब्ध कराने के पश्चात हीं विस्थापित करने का निर्देश दिया। डीएम द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत पोखर, तालाब, आहर पाईन, कुंआ जीर्णोद्धार, चापाकल निर्माण, सोख्ता निर्माण, वाटर हार्वेस्टिग की ली गई योजनाओं में अबतक की प्रगति की समीक्षा की गई। पीएचईडी कार्यपालक अभियंता द्वारा बताया गया कि जिले में 19865 चापाकल है। जिलाधिकारी ने पीएचईडी के सभी चापाकलों में सोख्ता निर्माण योजना क्रियान्वित कराने एवं जीओ टेगिग करते हुए पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया।
बताया गया कि आगामी 09 अगस्त को एक दिन में हीं 3,81,500 पौधरोपण करने का लक्ष्य जिला को प्राप्त है। वन प्रमंडल पदाधिकारी ने बताया कि 2500 पौधारोपण हर पंचायत में एवं एक वार्ड में 100 पौधारोपण किये जाने का लक्ष्य है। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी/लघु सिचाई सभी अंचलाधिकारी, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित रहे।
