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जमीनी विवाद को लेकर बेलदौर प्रखंड क्षेत्र में प्रत्येक दिन कुछ ना कुछ घटना घट जाती है। जबकि बिहार सरकार जमीनी विवाद को लेकर हर शनिवार को थाना में जनता दरबार भी लगाते हैं। लेकिन उक्त जनता दरबार में जमीनी विवाद नासूर बनते जाता है। कभी-कभी जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष भढ़ जाती है। तब पर भी जिला प्रशासन हो या प्रखंड प्रशासन के द्वारा जमीनी विवाद को निष्पादन नहीं किया जाता है। जिसको लेकर प्रत्येक दिन मारपीट की घटना घट जाती है। जमीनी विवाद को लेकर बेलदौर थाना में प्रत्येक दिन आवेदन आते हैं। लेकिन उक्त आवेदन का निष्पादन नहीं होती है। जिसको लेकर जमींदारों से मारपीट की घटना घट जाती है। इसी कड़ी में बेलदौर प्रखंड क्षेत्र के बोबिल पंचायत के वार्ड नंबर 2 कुम्हरैली गांव बीते शनिवार को ग्रामीण और पुलिस के बीच जमीनी विवाद को लेकर झड़प हो गई थी। जिसमें प्रशासन के द्वारा गरीब के घरों में आगजनी की घटना कर दी गई। मालूम हो कि कुम्हरैली गांव निवासी परमानंद मिस्त्री के पुत्र गजेंद्र मिस्त्री एवं बेलदौर गांव निवासी सुरेश भगत के पुत्र दिलीप भगत के बीच महज 10 कट्ठा जमीन को लेकर उक्त मामले में बेलदौर पुलिस मामले को सूचक के आवेदन पर जांच करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दर्जनों ग्रामीण उक्त स्थल पर पहुंचकर बेलदौर पुलिस से गिरफ्तारी का वारंट मांगने लगा। इसी दौरान एस आई प्रशांत कुमार सिंह ने दो व्यक्ति को गिरफ्तार कर बेलदौर थाना लेकर आ रहे थे, कि दर्जनों महिला एवं पुरुष बेलदौर थाना गाड़ी को रोक दिया और ग्रामीण एवं पुलिस के बीच झड़प होने लगी। जब ग्रामीण एवं पुलिस के बीच झड़प हुआ तो एसआई प्रशांत कुमार ने दोनों व्यक्ति को छोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि दिलीप भगत का जमीन है तो उनके पास कागजात रहना चाहिए। जबकि हम लोगों के पास जिन जिन व्यक्तियों से हम लोग जमीन खरीदे हैं, उन लोगों का कागजात हम लोगों के पास है। लेकिन उक्त व्यक्ति दबंग रहने के कारण मेरे परिजनों के घर पर बेलदौर पुलिस मंगवा कर गाली गलौज करवा दिए। इसी पर आक्रोश होकर दर्जनों ग्रामीण बेलदौर पुलिस से झड़प कर ली। झड़प होने के दौरान बेलदौर पुलिस उक्त स्थान से बैरंग वापस लौट गए, उक्त मामले को बेलदौर पुलिस ठंडे बस्ते में रख दिया।
जमीनी विवाद को लेकर बेलदौर प्रखंड क्षेत्र में प्रत्येक दिन कुछ ना कुछ घटना घट जाती है। जबकि बिहार सरकार जमीनी विवाद को लेकर हर शनिवार को थाना में जनता दरबार भी लगाते हैं। लेकिन उक्त जनता दरबार में जमीनी विवाद नासूर बनते जाता है। कभी-कभी जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष भढ़ जाती है। तब पर भी जिला प्रशासन हो या प्रखंड प्रशासन के द्वारा जमीनी विवाद को निष्पादन नहीं किया जाता है। जिसको लेकर प्रत्येक दिन मारपीट की घटना घट जाती है। जमीनी विवाद को लेकर बेलदौर थाना में प्रत्येक दिन आवेदन आते हैं। लेकिन उक्त आवेदन का निष्पादन नहीं होती है। जिसको लेकर जमींदारों से मारपीट की घटना घट जाती है। इसी कड़ी में बेलदौर प्रखंड क्षेत्र के बोबिल पंचायत के वार्ड नंबर 2 कुम्हरैली गांव बीते शनिवार को ग्रामीण और पुलिस के बीच जमीनी विवाद को लेकर झड़प हो गई थी। जिसमें प्रशासन के द्वारा गरीब के घरों में आगजनी की घटना कर दी गई। मालूम हो कि कुम्हरैली गांव निवासी परमानंद मिस्त्री के पुत्र गजेंद्र मिस्त्री एवं बेलदौर गांव निवासी सुरेश भगत के पुत्र दिलीप भगत के बीच महज 10 कट्ठा जमीन को लेकर उक्त मामले में बेलदौर पुलिस मामले को सूचक के आवेदन पर जांच करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दर्जनों ग्रामीण उक्त स्थल पर पहुंचकर बेलदौर पुलिस से गिरफ्तारी का वारंट मांगने लगा। इसी दौरान एस आई प्रशांत कुमार सिंह ने दो व्यक्ति को गिरफ्तार कर बेलदौर थाना लेकर आ रहे थे, कि दर्जनों महिला एवं पुरुष बेलदौर थाना गाड़ी को रोक दिया और ग्रामीण एवं पुलिस के बीच झड़प होने लगी। जब ग्रामीण एवं पुलिस के बीच झड़प हुआ तो एसआई प्रशांत कुमार ने दोनों व्यक्ति को छोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि दिलीप भगत का जमीन है तो उनके पास कागजात रहना चाहिए। जबकि हम लोगों के पास जिन जिन व्यक्तियों से हम लोग जमीन खरीदे हैं, उन लोगों का कागजात हम लोगों के पास है। लेकिन उक्त व्यक्ति दबंग रहने के कारण मेरे परिजनों के घर पर बेलदौर पुलिस मंगवा कर गाली गलौज करवा दिए। इसी पर आक्रोश होकर दर्जनों ग्रामीण बेलदौर पुलिस से झड़प कर ली। झड़प होने के दौरान बेलदौर पुलिस उक्त स्थान से बैरंग वापस लौट गए, उक्त मामले को बेलदौर पुलिस ठंडे बस्ते में रख दिया।

