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सहरसा प्रखंड के सौरबाजार पंचायत के सिलेट गांव स्थित पंचायत भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। इस भवन में सिर्फ पन्द्रह अगस्त एवं छब्बीस जनवरी को हलचल रहता है। बांकी दिन भवन बंद ही रहता है। भवन के अभाव में पंचायत का कार्य मुखिया के दरवाजे पर चलता रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 25 साल पूर्व पंचायत भवन बना था। उस समय लोग यहां आकर अपना कार्य निष्पादित कराते थे। परंतु पंचायत भवन के छत पर घास उग आया है। पंचायत भवन में कार्य का निष्पादन नहीं होने के कारण यह भवन वीरान रहता है। सौरबाजार के चन्द्रेश्वरी शर्मा, मो बलुउदीन, सिलेट के बबलू झा समेत अन्य लोगों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण पंचायत भवन खंडहर बनता जा रहा है। इस भवन में सभी बुनियादी सुविधा थी। लेकिन देखरेख के अभाव यह व्यवस्था चरमरा गयी है। लोगों ने बताया कि 1990 में सिलेट गांव के शिव मंदिर के बगल में पंचायत भवन का निर्माण कराया गया था। ताकि पंचायत के लोगों को लाभ मिल सके। जिस समय पंचायत भवन का निर्माण हुआ था उस समय पंचायत के सभी विकास कार्य की रूपरेखा पंचायत भवन में ही तैयार होता था। 2001 के पंचायत चुनाव के बाद से अपनी सुविधा अनुसार मुखिया का कार्यालय चलता है। पंचायत भवन पर किसी की नजर सही तरीके से नहीं जाती है। जिसके कारण पंचायत भवन खंडहर में तब्दील हो गया है।
