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Monday, May 13, 2019

सुपौल:प्राइमरी स्कूल की स्थिति बदहाल, बच्चों के अभिभावकों ने किया रोषपूर्ण प्रदर्शन, जल्द समस्या का निदान नही हुआ तो करेंगे हाइबे जाम

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प्राइमरी स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर बच्चों के अभिभावकों ने किया रोषपूर्ण प्रदर्शन, कहा की जल्द समस्या का निदान नही हुआ तो करेंगे हाइबे जाम

छातापुर। सुपौल।संतोष कुमार भगत
छातापुर सदर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय यादव टोला नरहैया में नामांकित छात्रों के अभिभावकों ने स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर सोमवार को छातापुर नरहैया पथ को जाम कर रोष पूर्णप्रदर्शन किया। बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में 150 के लगभग बच्चे नामांकित है। उनके पढ़ाई का जिम्मा सिर्फ चार शिक्षकों पर है। लेकिन उसमें भी नित्य सभी पदस्थापित शिक्षक स्कूल नही आते है। कभी एक तो कभी दो ही शिक्षक स्कूल आकर पढ़ाई के नाम पर खाना पूर्ति करते है। स्थानीय अरविंद यादव, रमेश कुमार यादव, शैलेन्द्र यादव, जय कुमार यादव, डोमी यादव, अशोक यादव, हरि नारायण यादें, रतनदीप कुमार, राम विलाश यादव, महेंद्र यादव ने कहा कि स्कूल की कुव्यस्था को लेकर उनके बच्चें स्कूल जाने से कतराते है। स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह की कमी समेत अनेक प्रकार की समस्या है। लोगों ने कहा कि स्कूल परिसर में देखने को लेकर दो चापाकल लगा हुआ है, लेकिन  चापाकल खराब रहने के कारण बच्चें अपने घर जाकर पानी पीते है। इतना ही नही स्कूल में शौचालय तक उपलब्ध नही होने की बात ग्रामीणों ने कही है। लोगों ने कहा कि स्कूल में बच्चों की बढ़ रही उपस्थिति को लेकर साल 2006 में ही बिभाग द्वारा भवन की राशि तत्कालीन एचएम को आवंटित की गयी थी। लेकिन अब तक भवन अर्धनिर्मित ही है। लोगों ने बताया कि स्कूल के भवन पर स्कूल का अब तक नाम भी नही लिखा गया है। शिकायत के बाद भी विभागीय पदाधिकारी शिक्षकों पर कार्रवाई और स्थिति में सुधार करवाने के प्रतिं जबाब देह नही बन रहे है। लोगों ने बताया कि नित्य स्कूल में एमडीएम 2 किलो चावल और एक किलो सब्जी बनाकर योजना को मजाक बनाने का कार्य कर रहे है। इन सभी मुद्दों को लेकर कई  बार शिक्षा समिति की बैठक भी हुई है। इसमें उक्त मुद्दा को ग्रामीम जोर शोर के साथ उठाया। लेकिन एचएच अब्बुल कलाम किसी का भी नही सुन रहे है। लोगों ने कहा कि स्कूल की यही व्यवस्था को लेकर पोषक क्षेत्र के लोगों ने सड़क जाम कर के स्कूल प्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन किया। लेकिन कोई पदाधिकारी के स्थल तक नही पहुंचने पर अभिभावकों ने बीईओ को लिखिति आवेदन देकर स्कूल की विधि व्यवस्था सुधार करवाने की मांग की। लोगों ने कहा कि दो दिन के अन्यर अगर स्कूल की व्यवस्था में सुधार नही हुआ तो अभिभावक स्टेट हाइबे 91 छातापुर बलुआ पथ को जाम करेंगे। उधर, स्कूली छात्र सोनम, प्रिया, प्रतिभा, राहूल, रेणु, लालू कुमार आदि ने कहा कि स्कूल के शिक्षक छात्रों को बरामदे पर पढ़ने बैठाकर एमडीएम बनवाने में व्यस्त रहते है। कुछ छात्रों ने तो यहां तक कहा कि स्कूल में कभी सभी पदस्थापित शिक्षकों को एक साथ नही देखे है। जबकि आम चर्चा है कि एक कमरे के स्कूल भवन में ही बच्चों को पढ़ाने और रसोई बनाने का कार्य स्कूल के शिक्षक करते है। लेकिन अर्धनिर्मित भवन जो साल 2008 से ही अधूरा पड़ा है। इसके निर्माण पर  स्कूली शिक्षक ध्यान तक नही दिये है। जिसके कारण भवन की ढलाई कार्य सम्पन्न होने के बाद भी प्लास्टर रंग रोगन समेत खिड़की किवाड़ के कारण भवन का लाभ छात्र छात्राओं को नही मिल रहा है। इसको लेकर छात्र स्कूल नही जा रहे है। जबकि स्कूल में मौजूद प्रभारी एचएम सह एमडीएम प्रभारी मो.अबुजर ने बताया कि स्कूल में चार ही शिक्षक पदस्थापित है। लेकिन आज मेरे अलावे एक और शिक्षक अरुण कुमार राउत स्कूल में उपस्थित थे। उनके द्वारा शैक्षणिक कार्य को विधि व्यवस्था के  अनुकूल  चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि वैसे तो उनके स्कूल की विधि व्यवस्था सही में ढंग की नही है। उन्होंने कहा कि एचएच के ध्यान नही देने में कारण व्यवस्था बदहाल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इस स्कूल की स्थिति साल 2008 से ही  तत्कालीन बीईओ शफीउल्लाह आजाद के समय से ही खराब है उनके द्वारा सही विधि व्यवस्था रखने वाले शिक्षक को दरकिनार करके ऐसे शिक्षक को पदस्थापित किया गया जिसका खामियाजा आजतक स्कूली बच्चे समेत पोषक क्षेत्र के लोग भुगत रहे है। उन्होंने बताया कि एचएम अब्बुल कलाम समेत स्कूल के सहायक शिक्षक अजय कुमार सीएल लेकर छुट्टी में है। इसलिये आज उनको प्रभार मिला है। उन्होंने विधि व्यवस्था सुधार को लेकर पदाधिकारी से पहल करने की बात कही। वही स्कूल में पदस्थापित दो रसोइया में से एक गीता देवी तो मौजूद थी। लेकिन एक रसोइया अरुणा देवी के जगह पर उनके एक रिश्तेदार थी। रसोइया ने बताया कि कभी इस स्कूल में नामांकित छात्रों के अनुरूप एमडीएम नही बना है। उन्होंने बताया कि कभी 5 तो कभी 25 से 50 बच्चों तक की ही एमडीएम बना है। उन्होंने ग्रामीणों के आरोप को सही बताते हुये कहा कि सही में मीनू के अनुकूल इस स्कूल में एमडीएम नही बनता है। जैसा एमडीएम बनाने की शिक्षक बात करते है उनके द्वारा वैसा ही बनाया जाता है। रसोइया ने कहा कि 3 साल का उनलोगों का मानदेय भी शिक्षक अरुण कुमार राउत के ताल मटोल के रवैये से लंबित है। रसोइया ने कहा कि तब शिक्षक अरुण एचएम थे।