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मधेपुरा। मिड डे मिल वर्कर्स यूनियन राज्य कमेटी के आह्वान पर विभिन्न मांगों के समर्थन में 11 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल रसोइया कार्यकर्ता ने गुरुवार को अपनी मांगों के समर्थन में एमडीएम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।
हड़ताली रसोइया कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे संघ के जिलाध्यक्ष गणेश मानव ने कहा कि मिड डे मिल में काम करने वाले रसोइया कार्यकर्ता देश का सबसे उपेक्षित प्राणी है। सरकार काम तो ले रही है। परंतु न्यूनतम मजदूरी से भी कम मानदेय दे रही है। 1250 रुपये में क्या किसी का परिवार चल सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जिस प्रकार से आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सेविका - सहायिका की मानदेय में बढ़ोतरी किया है। उसी प्रकार रसोइया कार्यकर्ता के मानदेय में भी बढ़ोतरी करे। साथ ही रसोइया कार्यकर्ता को सरकारी सेवक का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि हड़ताली रसोइया कार्यकर्ता के मांगों पर सरकार अविलंब विचार नहीं करती है तो मुख्यमंत्री का प्रस्तावित दौरा के दौरान सभी हड़ताली रसोइया कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे।
एसएफआइ के जिला सचिव सह रसोइया संघ के नेता राजदीप कुमार यादव ने कहा कि जब तक सरकार रसोइया की मांग पूरी नहीं करती है तबतक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा। सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता संतोष मानव ने कहा कि रसोइया कार्यकर्ता के साथ सरकार अन्याय कर रही है। अविलंब रसोइया के मांगों पर सरकार को सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए हड़ताल को समाप्त कराने की पहल करनी चाहिए। सभा को विजय कुमार यादव, सुनीता ¨सह, चंदेश्वरी यादव, बैजनाथ यादव, छोटकी देवी, राजेश कुमार रंजन, बद्री पासवान, सुनीता देवी, मालती देवी, संजू देवी, कमिल देव पंडित, शोभा देवी, दुर्गा देवी, सीताराम राम, दयानंद ऋषिदेव, किरण देवी, अनिता देवी, गजेंद्र यादव सहित अन्य ने संबोधित किया। मांगें पूरी नहीं होने पर 24 जनवरी को हड़ताली रसोइया जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
