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Tuesday, September 8, 2026

BIHAR:मनरेगा की 3 योजनाओं के बदले मांगे थे 35 हजार, 20 हजार लेते JE गिरफ्तार; निगरानी की टीम ने बिछाया था जाल

मनरेगा की 3 योजनाओं के बदले मांगे थे 35 हजार, 20 हजार लेते JE गिरफ्तार; निगरानी की टीम ने बिछाया था जाल

जहानाबाद। जिले में मनरेगा योजनाओं में रिश्वतखोरी के आरोप पर निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पटना से पहुंची निगरानी टीम ने रतनी प्रखंड में पदस्थ मनरेगा के कनीय अभियंता अमन कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अमन कुमार के पास रतनी प्रखंड के अलावा जहानाबाद में मनरेगा का अतिरिक्त प्रभार भी था।

यह कार्रवाई जामुक पंचायत के पंचायत रोजगार ग्राम सेवक अशोक कुमार की शिकायत पर की गई। अशोक कुमार ने 20 अगस्त 2026 को निगरानी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनरेगा की तीन योजनाओं से संबंधित कार्य के बदले कनीय अभियंता ने उनसे 35 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत के बाद शुरू हुआ सत्यापन

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों की जांच शुरू की। विभाग की ओर से शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग से जुड़ी बात सामने आने के बाद आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई गई।

बताया गया कि बातचीत के बाद कथित तौर पर 20 हजार रुपये में रिश्वत की रकम तय हुई। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप तैयार किया।

20 हजार लेते ही दबोचा

पुलिस निगरानी विभाग, पटना के डीएसपी आसिफ मेहपाल मेहदी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार जैसे ही अमन कुमार ने 20 हजार रुपये रिश्वत की रकम ली, निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी कनीय अभियंता को अपने साथ ले गई। उससे पूछताछ की जा रही है और रिश्वत से जुड़े पूरे मामले की जांच जारी है।

मनरेगा की तीन योजनाएं जांच के दायरे में

शिकायतकर्ता अशोक कुमार के अनुसार, रिश्वत की मांग मनरेगा की तीन योजनाओं से संबंधित काम को लेकर की गई थी। अब निगरानी विभाग इन योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों और कार्यों की भी जांच कर सकता है।

अमन कुमार की गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटा है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि मामले में आरोपी की भूमिका और कहीं तक जुड़ी हुई है या नहीं।