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स्मैक तस्कर से सांठगांठ में बैजनाथपुर की महिला SI खुशबू कुमारी निलंबित, कोसी DIG का बड़ा एक्शन
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तकनीकी जांच में तस्कर से लगातार संपर्क की पुष्टि, विभागीय जांच के आदेश; सुपौल पुलिस लाइन में किया गया अटैच
सहरसा। कोसी रेंज में चल रहे 'कोसी नशा मुक्ति अभियान' के बीच पुलिस विभाग के भीतर से ही अपराधियों से कथित सांठगांठ का मामला सामने आया है। सहरसा जिले के बैजनाथपुर थाना में पदस्थापित अपर थानाध्यक्ष महिला सब-इंस्पेक्टर खुशबू कुमारी को स्मैक तस्कर से संपर्क रखने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने जांच रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की है।
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में एसआई खुशबू कुमारी को सुपौल पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
तकनीकी जांच में खुली पोल
सूत्रों के अनुसार एसआई खुशबू कुमारी की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में गुप्त तकनीकी जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि उनका स्मैक तस्कर मिट्ठू कुमार से लगातार फोन पर संपर्क था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एएसपी (प्रशासन) ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट डीआईजी को सौंपी।
स्पष्टीकरण में संपर्क की बात स्वीकार
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीआईजी ने एसआई खुशबू कुमारी से कारण बताओ नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने तस्कर से संपर्क में रहने की बात स्वीकार की। तकनीकी साक्ष्यों और स्पष्टीकरण के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया।
अब होगी विभागीय जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत विभागीय जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप पूरी तरह प्रमाणित होते हैं तो पुलिस सेवा नियमों के तहत बर्खास्तगी सहित अन्य कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
डीआईजी का सख्त संदेश
कार्रवाई के बाद कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पुलिसकर्मी की अपराधियों से सांठगांठ, भ्रष्ट आचरण या अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही वर्दी की आड़ में अपराधियों को संरक्षण देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।