Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR NEWS:बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान वज्रपात से BSF जवान शहीद, रात में पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Wednesday, August 5, 2026

BIHAR NEWS:बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान वज्रपात से BSF जवान शहीद, रात में पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत

हेडलाइन:

किशनगंज बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान वज्रपात से BSF जवान शहीद, रात में पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत

औरंगाबाद के लाल जयंत सिंह ने देश की सेवा में दी शहादत, परिवार में पसरा मातम

विस्तृत खबर:

औरंगाबाद/किशनगंज: भारत-बांग्लादेश सीमा पर किशनगंज सेक्टर में तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवान जयंत सिंह उर्फ गुड्डू ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। वे औरंगाबाद जिले के रजपरसा गांव निवासी होमगार्ड जवान अर्जुन सिंह के बड़े बेटे थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार, जयंत सिंह मंगलवार देर रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान सीमा क्षेत्र में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम अचानक बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि ड्यूटी निभाने के दौरान वे वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आ गए, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

रात में पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत

परिजनों ने बताया कि ड्यूटी पर जाने से ठीक पहले रात करीब 12 बजे जयंत सिंह ने अपनी पत्नी मीरा सिंह से फोन पर बात की थी। यह दोनों के बीच आखिरी बातचीत साबित हुई। बुधवार सुबह करीब 6 बजे बीएसएफ बटालियन की ओर से उनकी पत्नी के मोबाइल पर फोन आया। शुरुआत में अधिकारियों ने केवल जयंत सिंह की तबीयत खराब होने की जानकारी दी और उनके बेटे अभिजीत से बात कराने को कहा।

उस समय घर पर मौजूद छोटे भाई बंटी कुमार ने अधिकारियों से बात की, जिसके बाद उन्हें जयंत सिंह के ड्यूटी के दौरान शहीद होने की आधिकारिक सूचना दी गई। यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

पत्नी, बेटा और बेटी को छोड़ गए

शहीद जयंत सिंह अपने पीछे पत्नी मीरा सिंह, 16 वर्षीय पुत्र अभिजीत और 15 वर्षीय पुत्री मुस्कान को छोड़ गए हैं। दोनों बच्चे औरंगाबाद के एक मिशन स्कूल में पढ़ाई करते हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल है।

गांव में शोक की लहर

शहीद की खबर मिलते ही रजपरसा गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे। हर कोई जयंत सिंह की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने हमेशा देश सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और अंत तक अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

बीएसएफ की ओर से शहीद जवान के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की संभावना है।