बांका जिला परिषद कार्यालय में सोमवार दोपहर पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कनीय अभियंता (जेई) ओमप्रकाश मंडल और कार्यालय के क्लर्क जागेश्वर मंडल को 1 लाख 26 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ अरेस्ट कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद जिला परिषद कार्यालय समेत अन्य सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया।
शिकायत मिलने पर टीम ने बिछाया ट्रैप
निगरानी विभाग के डीएसपी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि एक संवेदक ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कार्य से संबंधित फाइल आगे बढ़ाने के लिए जेई द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया।
संवेदक के राशि सौंपते ही विजिलेंस की कार्रवाई
सोमवार को जैसे ही संवेदक ने तय की गई 1.26 लाख रुपये की रिश्वत राशि सौंपी, पहले से तैनात निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेई ओमप्रकाश मंडल और क्लर्क जागेश्वर मंडल को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान निगरानी विभाग की टीम दो वाहनों से जिला परिषद कार्यालय पहुंची और पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया। मुख्य द्वार बंद कर दिया गया तथा जांच पूरी होने तक किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
उस समय जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव सहित कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में मौजूद थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
निगरानी अधिकारियों ने दोनों आरोपितों से पूछताछ करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उन्हें अपने साथ पटना ले गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपितों पर एक कार्य के एवज में 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।