बिहार सरकार की सोशल मीडिया पॉलिसी में बड़ा बदलाव: 10 लाख व्यूज पर मिल सकते हैं ₹1 लाख
पटना: बिहार सरकार ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। राज्य कैबिनेट ने बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नीति/नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से संबंधित कंटेंट तैयार करने वाले पात्र सोशल मीडिया क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भुगतान की व्यवस्था का रास्ता खुल सकता है।
जानकारी के अनुसार, पात्र कंटेंट पर 1 लाख व्यूज तक के लिए अधिकतम ₹10 हजार भुगतान का प्रावधान हो सकता है। इसी आधार पर 10 लाख व्यूज वाले कंटेंट के लिए भुगतान की राशि अधिकतम ₹1 लाख तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह राशि हर वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट पर स्वतः मिलने वाली तय रकम नहीं होगी। भुगतान के लिए सरकार की ओर से निर्धारित पात्रता, कंटेंट की प्रकृति, प्लेटफॉर्म, व्यूज की गणना और अन्य शर्तों का पालन करना होगा।
1 लाख व्यूज पर ₹10 हजार तक भुगतान
कैबिनेट के फैसले के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, सरकार से जुड़े पात्र और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले कंटेंट के लिए व्यूज के आधार पर भुगतान किया जा सकता है। 1 लाख व्यूज पर अधिकतम ₹10 हजार और इसी अनुपात में 10 लाख व्यूज पर अधिकतम ₹1 लाख तक भुगतान की संभावना है।
हालांकि, इसे इस तरह नहीं समझना चाहिए कि किसी भी क्रिएटर के किसी भी वीडियो के 10 लाख व्यूज होने पर उसे सरकार की ओर से सीधे ₹1 लाख मिल जाएगा। भुगतान के लिए कंटेंट का सरकारी योजनाओं, उपलब्धियों या जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से संबंधित होना तथा अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार पर जोर
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जरिए सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
आज बड़ी संख्या में लोग समाचार पत्र या टेलीविजन के बजाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी प्राप्त करते हैं। ऐसे में सरकार सोशल मीडिया क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म को सूचना के प्रसार के माध्यम के रूप में जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए खुल सकता है नया अवसर
बिहार में बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने वाले क्रिएटर्स सक्रिय हैं। ये क्रिएटर्स फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानीय मुद्दों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक विषयों से संबंधित वीडियो और पोस्ट बनाते हैं।
नई व्यवस्था लागू होने पर निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले क्रिएटर्स के लिए यह कमाई का नया अवसर बन सकता है। खासकर ऐसे क्रिएटर्स को फायदा मिल सकता है, जिनकी पहुंच बड़ी संख्या में लोगों तक है और जो तथ्यात्मक एवं उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।
कौन से क्रिएटर्स होंगे पात्र?
कैबिनेट के फैसले के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल पात्रता को लेकर है। अभी यह पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है कि भुगतान के लिए किन-किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शामिल किया जाएगा और किस तरह के कंटेंट को भुगतान के योग्य माना जाएगा।
इसके अलावा क्रिएटर्स के फॉलोअर्स, कंटेंट की पहुंच, व्यूज, अकाउंट की प्रमाणिकता, पंजीकरण और अन्य मानकों को लेकर भी अंतिम नियम महत्वपूर्ण होंगे।
एम्पैनलमेंट की व्यवस्था पहले से मौजूद
बिहार सरकार की सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया पॉलिसी-2024 के तहत व्यक्तिगत आवेदकों और पंजीकृत कंपनियों के लिए एम्पैनलमेंट की व्यवस्था उपलब्ध है। नई संशोधित व्यवस्था इसी ढांचे को आगे बढ़ाते हुए सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से सरकार से संबंधित जानकारी के प्रचार-प्रसार को अधिक व्यवस्थित कर सकती है।
हर वायरल वीडियो पर नहीं मिलेगा पैसा
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सिर्फ वीडियो वायरल हो जाने या 1 लाख व्यूज पार कर जाने से भुगतान का अधिकार स्वतः नहीं मिलेगा।
सरकार की ओर से निर्धारित पात्रता और कंटेंट से जुड़ी शर्तों को पूरा करना होगा। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि कंटेंट सरकारी योजनाओं या उपलब्धियों से संबंधित है या नहीं और उसके व्यूज की गणना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुई है या नहीं।
अधिसूचना के बाद साफ होगी पूरी प्रक्रिया
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब विस्तृत अधिसूचना और संशोधित नियमों का इंतजार है। अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पात्र क्रिएटर्स को भुगतान के लिए आवेदन कैसे करना होगा, व्यूज का सत्यापन किस तरीके से किया जाएगा और किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को मान्यता दी जाएगी।
इसके साथ ही भुगतान की अधिकतम सीमा, कंटेंट की पात्रता, एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया और अन्य नियमों की भी पूरी जानकारी सामने आएगी।
डिजिटल मीडिया को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
बिहार सरकार का यह कदम सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। सोशल मीडिया की बढ़ती पहुंच को देखते हुए सरकार और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना है।
अगर संशोधित नियम निर्धारित शर्तों के साथ लागू होते हैं, तो बिहार के पात्र डिजिटल क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए यह कमाई के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का नया माध्यम बन सकता है।
महत्वपूर्ण: फिलहाल 1 लाख व्यूज पर ₹10 हजार और 10 लाख व्यूज पर ₹1 लाख को अधिकतम संभावित भुगतान के तौर पर समझना चाहिए। यह हर क्रिएटर या हर वायरल कंटेंट के लिए निश्चित भुगतान नहीं है। अंतिम नियम और पात्रता की तस्वीर सरकार की विस्तृत अधिसूचना जारी होने के बाद ही साफ होगी।