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सुपौल की MVI ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश, 4 लाख की सुपारी देकर चलती ट्रेन में कराई हत्या
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34 दिन बाद रेल पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, पत्नी, प्रेमी और शूटर गिरफ्तार; कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों से खुली साजिश
सुपौल/कटिहार। बिहार के चर्चित देव कुमार गुंजन हत्याकांड का रेल पुलिस ने 34 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, सुपौल में पदस्थापित मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) अस्मिता कुमारी ने अपने प्रेमी अजीत कुमार के साथ मिलकर इंजीनियर पति देव कुमार गुंजन की हत्या की साजिश रची। दोनों ने जहानाबाद निवासी शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को चार लाख रुपये की सुपारी देकर 11 जून को चलती जनसाधारण एक्सप्रेस में हत्या करवा दी। मामले में पुलिस ने आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और शूटर को गिरफ्तार कर लिया है।
पत्नी से मिलने जा रहे थे, रास्ते में हुई हत्या
पुलिस के अनुसार, झारखंड के गोड्डा निवासी देव कुमार गुंजन 11 जून को जमुई से जनसाधारण एक्सप्रेस में सवार होकर सुपौल में तैनात अपनी पत्नी से मिलने जा रहे थे। रात करीब 8:30 बजे मानसी और बदलाघाट रेलवे स्टेशन के बीच शूटर ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल गुंजन को पहले खगड़िया सदर अस्पताल और फिर बेगूसराय रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
लूट का रूप देने की हुई थी कोशिश
वारदात के बाद आरोपियों ने हत्या को लूटपाट की घटना साबित करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। इसके बाद रेल एसपी हरिशंकर कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
एक साथ शुरू हुआ करियर, प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में देव कुमार गुंजन, उनकी पत्नी अस्मिता कुमारी और अजीत कुमार ने एक ही विभाग में ग्रेड-वन टेक्नीशियन के रूप में नौकरी शुरू की थी। वर्ष 2018 में देव और अस्मिता की शादी हुई और बाद में उनकी एक बेटी भी हुई।
इसी बीच सीतामढ़ी में पोस्टिंग के दौरान अस्मिता और अजीत के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। बाद में दोनों अलग-अलग जगहों पर तैनात हो गए, लेकिन उनका संपर्क बना रहा। पुलिस के अनुसार, दोनों के संबंधों में देव कुमार गुंजन बाधा बन रहे थे, इसलिए उनकी हत्या की साजिश रची गई।
चार लाख रुपये में दी गई थी सुपारी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जहानाबाद के घोसी निवासी राजू कुमार उर्फ धीरज को चार लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, किसी तरह का डिजिटल सबूत न छूटे, इसलिए सुपारी की रकम नकद दी गई थी।
तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश
रेल एसपी हरिशंकर कुमार ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। 34 दिनों तक चली जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि हत्या प्रेम-प्रसंग और अवैध संबंधों के कारण कराई गई थी।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
पुलिस ने मामले में मुख्य साजिशकर्ता अस्मिता कुमारी, उसके प्रेमी अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।
नोट: पुलिस की जांच के अनुसार यह हत्या की साजिश का खुलासा है। आरोपियों के विरुद्ध मामला न्यायालय में विचाराधीन रहेगा और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा किया जाएगा।