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फर्जी दस्तावेज से नौकरी पाने के आरोप में हिलसा अनुमंडल कार्यालय का क्लर्क सस्पेंड
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'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना में अनियमितता का आरोप, आपराधिक मामलों के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
नालंदा: नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत निम्नवर्गीय लिपिक एवं रग्बी खिलाड़ी सुधांशु रंजन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला पदाधिकारी के आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना की जांच में सामने आया कि सुधांशु रंजन ने कथित रूप से गलत तथ्यों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 'बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली, 2025' का लाभ लेकर नौकरी प्राप्त की। इसे सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।
प्रशासन ने बताया कि सुधांशु रंजन के खिलाफ राजधानी पटना के विभिन्न थानों में पहले से आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। कंकड़बाग थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। वहीं अगमकुआं थाना में अवैध हथियार रखने और शराब से जुड़े आरोपों में भी प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही गई है। ये मामले बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के विपरीत माने गए हैं।
बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत की गई कार्रवाई में निलंबन अवधि के दौरान सुधांशु रंजन का मुख्यालय जिला स्थापना शाखा, नालंदा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
जिला पदाधिकारी ने हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी को निलंबन आदेश की तामिला सुनिश्चित करने और इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही, आरोपित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए साक्ष्यों सहित आरोप पत्र की प्रतियां शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। मामले की सूचना बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और सामान्य प्रशासन विभाग को भी भेज दी गई है।