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Sunday, July 12, 2026

BIHAR:एक क्लिक में तैयार हो रहे थे फर्जी आधार-पैन, 3500 रुपये वसूला जाता था शुल्क

सोनबरसा (सीतामढ़ी)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा थाना क्षेत्र के लालबंदी रोड में अवैध रूप से फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।पुलिस ने दो दुकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में इलेक्ट्रानिक उपकरण, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल बरामद किए हैं। इस मामले में दो दुकान संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और वे पहले भी जेल जा चुके हैं।

जानकारी के अनुसार, सोनबरसा थाने पुलिस अवर निरीक्षक अरुण कुमार को सूचना मिली थी कि लालबंदी रोड स्थित दीपक आनलाइन प्वाइंट और देव कंप्यूटर, नामक दुकान पर अवैध रूप से भारतीय और नेपाली नागरिकों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।

दुकानों की घेराबंदी कर संचालकों को दबोचा

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों दुकानों की घेराबंदी कर संचालकों को दबोच लिया। गिरफ्तार की पहचान दीपक कुमार,पिता प्रमोद पंडित, निवासी बसतपुर,थाना सोनबरसा के रूप में की गई। दीपक आनलाइन प्वाइंट का संचालक है।वहीं दूसरे की पहचान सरोज कुमार वरुण,पिता रामएकबाल ठाकुर, निवासी: परसा खुर्द,थाना कन्हौली के रूप में की गई है, वह देव कंप्यूटर का संचालक है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों के लैपटाप और मोबाइल में आधार कार्ड से संबंधित भारी मात्रा में पावती रसीदों के फोटो मिले हैं।

इसके अलावा, इनके वाटसएप चैट से भी फर्जी आधार कार्ड बनाने से जुड़े कई पुख्ता साक्ष्य और सबूत हाथ लगे हैं। पूछताछ में आरोपित आधार कार्ड बनाने का कोई वैध लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) नहीं दिखा सके। वे प्रति आधार कार्ड 3500 की अवैध वसूली करते थे।

दोनों दुकानों की गहन तलाशी में दो लैपटाप,एक एचपी कंपनी का और एक डेल कंपनी का (सर्विस टैग: 5केके9एसएन2)।

थंब इंप्रेशन (फिंगरप्रिंट) मशीनें और एक जेमाल्टो कंपनी की आईरिस स्कैनर मशीन, सात फर्जी आधार कार्ड, पूर्व में मिले तीन आधार कार्ड के अलावा, देव कंप्यूटर से चार अन्य आधार कार्ड (चंद्र मोहन कुमार, रामएकबाल पासवान, चंदू कुमार साह और रामराजी देवी के नाम पर) बरामद किए गए।दो मोबाइल फोन,एक शाओमी और एक रियलमी कंपनी का स्मार्टफोन, तीन आधार कार्ड की पावती रसीद और आई स्कैन प्रिंट के कागजात बरामद किए गए।

थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, थाना अभिलेखों की जांच करने पर पता चला कि दोनों आरोपित शातिर अपराधी हैं और पहले भी गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं।

सरोज कुमार वरुण को बीते वर्ष फर्जी पैन कार्ड बनाने के आरोप में सोनबरसा थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जिसमें आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है और वर्तमान में यह जमानत पर बाहर था।

वहीं दीपक कुमार नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित है। अभी जमानत पर बाहर था।

पूछताछ के बाद दोनों के विरुद्ध मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही थी। इस मामले का अनुसंधान पुअनि धीरज कुमार कुमार को सौंपा गया है।