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सीतामढ़ी के बाजपट्टी सीओ प्रभात कुमार गिरफ्तार, 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
सीतामढ़ी: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बाजपट्टी के अंचलाधिकारी (सीओ) प्रभात कुमार को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। उन पर पिपराढ़ी गांव निवासी नरेश राम से जमीन से अतिक्रमण हटाने के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर की गई।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार, नरेश राम ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बदले सीओ 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में आवाज का मिलान कराने के लिए प्रभात कुमार को तीन बार वॉयस टेस्ट के लिए समन भेजा गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
घर में बंद होकर बैठे रहे सीओ
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे डीएसपी नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में निगरानी टीम बाजपट्टी स्थित सरकारी आवास पर पहुंची। टीम को देखते ही सीओ ने खुद को घर के अंदर बंद कर लिया। इसके बाद करीब छह घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई गिरफ्तारी
स्थिति को देखते हुए पुपरी एसडीओ गौरव कुमार के निर्देश पर कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार को कार्यपालक दंडाधिकारी नियुक्त कर मौके पर भेजा गया। उनकी मौजूदगी में पुलिस ने दरवाजा खुलवाया और प्रभात कुमार को गिरफ्तार कर लिया। स्वास्थ्य जांच के बाद निगरानी टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई।
इन अधिकारियों ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी विभाग के डीएसपी नरेंद्र कुमार ने किया। उनके साथ इंस्पेक्टर सलाउद्दीन खान और सब-इंस्पेक्टर सतीश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
आगे होगी कानूनी कार्रवाई
निगरानी विभाग के अनुसार, आरोपी सीओ को न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई को बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।