Investigation: चर्चित मिठनपुरा अमृता हत्याकांड में कानून का शिकंजा अब आरोपियों पर कसता जा रहा है।दहेज के लिए प्रताड़ित कर पत्नी अमृता कुमारी की हत्या के आरोपी, दरभंगा के जाले प्रखंड के बीडीओ मनोज कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब उनकी कथित प्रेमिका और महिला दारोगा अनु कुमारी पर भी बड़ी गाज गिरने वाली है।मुजफ्फरपुर पुलिस ने महिला दारोगा अनु कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही और निलंबन के लिए बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आधिकारिक पत्र भेजा है।
इसके साथ ही, मुख्य आरोपी बीडीओ मनोज कुमार के खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई के लिए ग्रामीण कार्य विभाग को पत्राचार करने की तैयारी है।
सुपरविजन रिपोर्ट का इंतजार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को अब वरीय अधिकारियों की सुपरविजन रिपोर्ट (पर्यवेक्षण रिपोर्ट) का इंतजार है।
केस के जांच अधिकारी (आईओ) ने मामले की केस डायरी वरीय पुलिस अधिकारियों के कार्यालय को सौंप दी है। इसी डायरी के आधार पर जल्द ही सुपरविजन रिपोर्ट जारी होगी।
दरअसल, महिला दारोगा की गिरफ्तारी के बाद जब उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था, तब अदालत की ओर से सुपरविजन रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था।
उस वक्त रिपोर्ट तैयार न होने के कारण ही कोर्ट के आदेश पर महिला दारोगा को पीआर बांड पर रिहा किया गया था। अब सुपरविजन रिपोर्ट आते ही पुलिस आगे की सख्त कार्रवाई करेगी।
कॉलेज से शुरू हुई थी कहानी
पुलिस जांच और पूछताछ में इस पूरी साजिश की जो परतें खुली हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी हैं। मृतका अमृता और आरोपी दारोगा अनु कुमारी कभी गहरी सहेलियां हुआ करती थीं। दोनों ने मुजफ्फरपुर के क्लब रोड स्थित एमडीडीएम कॉलेज से एक साथ पढ़ाई की थी।
इसी बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अमृता की मुलाकात मनोज कुमार (वर्तमान बीडीओ) से हुई थी। आगे की तैयारी के लिए मनोज इलाहाबाद चला गया, तो अमृता भी उसके साथ चली गई। दोनों साल 2018 से ही लिव-इन रिलेशन में रहने लगे थे।
इसके बाद साल 2020 में दोनों ने कोर्ट मैरिज की और फिर 2022 में दोनों परिवारों की रजामंदी से सामाजिक रीति-रिवाज से शादी के बंधन में बंधे।
नरक बन गई थी अमृता की जिंदगी
शुरुआती पुलिस तफ्तीश के मुताबिक, शादी के बाद जब मनोज और अमृता की जिंदगी में दारोगा अनु कुमारी की एंट्री हुई, तो हंसता-खेलता परिवार बिखर गया।
अनु को अच्छी तरह पता था कि अमृता उसकी कॉलेज की दोस्त है और मनोज के साथ उसकी शादी हो चुकी है। इसके बावजूद अनु ने अपने दोस्त के पति मनोज से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं।
अनु किसी भी तरह अमृता को रास्ते से हटाकर खुद मनोज से शादी करना चाहती थी और इसके लिए पूरी प्लानिंग की जा चुकी थी। इसके बाद से मनोज के घर में अमृता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
अमृता के साथ मारपीट का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जो इस जुल्म की गवाही देता है। इसी प्रताड़ना के बीच बीते 3 जुलाई की रात मिठनपुरा के कन्हौली इलाके में अमृता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
सीडीआर और एफएसएल जांच से खुलेंगे राज
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों (बीडीओ मनोज और दारोगा अनु) के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को खंगाला जा रहा है। दोनों के बीच हुई बातचीत और चैट का पूरा ब्योरा निकालने के लिए मोबाइल को जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि 3 जुलाई की रात कन्हौली में अमृता की मौत के बाद उसके भाई राजकुमार (निवासी बथुआरा, सीतामढ़ी) ने मिठनपुरा थाने में दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस मामले में बीडीओ और दारोगा के अलावा अमृता के ससुर गंगा साह, सास, देवर अमन कुमार और ननद आरती को भी नामजद आरोपी बनाया गया है, जिनकी तलाश जारी है।