हेडलाइन:
बिहार में 22 हजार आंगनबाड़ी पदों पर होगी भर्ती, सम्राट सरकार के कैबिनेट ने दी मंजूरी
सबहेड:
कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों पर लगी मुहर, वेजफेड को ₹106.39 करोड़, लखीसराय-किशनगंज जलापूर्ति और मिथिलांचल की चीनी मिल परियोजनाओं को भी स्वीकृति
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 24 एजेंडों को मंजूरी दी गई। बैठक में सबसे बड़ा फैसला समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के तहत आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22 हजार पदों पर भर्ती का लिया गया।
इसके अलावा बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत वेजफेड की त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹106.39 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई। इस राशि से प्रखंड स्तर पर आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी दी जाएगी और रीफर वाहनों की व्यवस्था की जाएगी।
कैबिनेट ने अमृत 2.0 मिशन के तहत लखीसराय जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹150.96 करोड़ और किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹53.71 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की। इन योजनाओं से लाखों परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मिथिलांचल के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों और गन्ना आधारित उद्योग स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया।
वहीं, जमुई जिले के NH-333A पर दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण को भी मंजूरी मिली है। इनमें नरियाना घाट (क्यूल नदी) पर ₹93.82 करोड़ और मंगोबंदर-सुकनर नदी पर ₹55.96 करोड़ की लागत से पुल बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।