मोतिहारी में फर्जी सिपाही गिरफ्तार: 10 दिनों तक बापूधाम स्टेशन पर करता रहा ड्यूटी, नौकरी दिलाने के नाम पर 4 लाख की ठगी का खुलासा
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिस ने एक फर्जी सिपाही को गिरफ्तार किया है, जो पिछले करीब दस दिनों से पुलिस की वर्दी पहनकर बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहा था। सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी स्वयं भी सिपाही की नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी का शिकार हुआ था।
बापूधाम स्टेशन पर वर्दी पहनकर कर रहा था ड्यूटी
गिरफ्तार युवक की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है। वह राजेपुर थाना क्षेत्र के इस्माइल गांव निवासी शंभू राम का पुत्र है। पुलिस के अनुसार, वह पिछले दस दिनों से बापूधाम रेलवे स्टेशन पर पुलिस की वर्दी पहनकर ड्यूटी करता नजर आ रहा था। सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
महाराष्ट्र में मजदूरी करता था युवक
पूछताछ में पवन कुमार ने बताया कि वह पहले महाराष्ट्र में मजदूरी करता था। इसी दौरान उसकी मां की मुलाकात पताही निवासी हरेंद्र राम से हुई। हरेंद्र ने दावा किया कि उसकी पटना सचिवालय में अच्छी पहुंच है और वह सिपाही की नौकरी दिलवा सकता है।
नौकरी के नाम पर ऐंठे चार लाख रुपये
पवन ने बताया कि हरेंद्र राम के कहने पर वह घर लौट आया और अपनी बहन के साथ मुजफ्फरपुर में रहकर तैयारी करने लगा। बाद में हरेंद्र उसे पटना ले गया, जहां उसकी मुलाकात बासुदेव राम और उसकी पत्नी से कराई गई। आरोप है कि दोनों ने सिपाही की नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये की मांग की। पवन ने एक लाख रुपये ऑनलाइन और शेष तीन लाख रुपये नकद देकर कुल चार लाख रुपये का भुगतान किया।
15 दिन पहले मिला था फर्जी नियुक्ति का झांसा
पवन के अनुसार, करीब 15 दिन पहले उसे बताया गया कि उसकी नौकरी लग गई है और उसकी ड्यूटी मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर लगा दी गई है। इसके बाद वह रोजाना मुजफ्फरपुर से मोतिहारी आकर ड्यूटी करता और शाम को वापस लौट जाता था। उसे पूरा विश्वास था कि वह वास्तव में बिहार पुलिस में चयनित हो चुका है। गांव में भी लोग उसे पुलिसकर्मी मानने लगे थे।
ठगी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपियों की भूमिका और संभावित गिरोह का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।